बवानी खेड़ा (भिवानी)। शिक्षा विभाग द्वारा गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची जारी करने के बाद से स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा है और बच्चों के अभिभावक चिंतित हैं। सरकार की और से शैक्षणिक स्तर के क्षेत्र के लगभग 20 स्कूलों को बंद करने के फरमान जारी किए गए हैं।
स्कूलों में दो माह से नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। वहीं निजी स्कूल संचालकों ने अभिभावकों को प्रलोभन देकर बच्चों का दाखिला करवाया था। अभिभावकों ने फीस जमा करवा दी लेकिन अब इन स्कूलों को नोटिस मिल गया है। इससे स्कूल संचालक और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि यह तो विभाग ने सरासर अन्याय किया है। अगर स्कूल बंद ही करने थे तो सत्र से पहले उन्हें नोटिस दिए जाते ताकि बच्चों व अभिभावकाें को परेशानियों का सामना न करना पड़ता।
अभिभावक संजय, नरेंद्रसिंह, महाबीर सिंह, समीर सिंह, प्रवीन पाहवा, रवि कदावला, अशोक संभ्रवाल, अनिल भुटानी, किरण, मनोज डुमड़ा, संजय डुमड़ा, सुरेश भारद्वाज, श्यामसुंदर आदि का कहना है कि एक तरफ तो सरकार शिक्षा क्षेत्र में बढ़ावा दे रही है।
दूसरी तरफ स्कूल बंद किए जा रहे हैं।
बीईईओ परमजीत कौर ने बताया कि बवानीखेड़ा क्षेत्र में लगभग 20 स्कूल गैर मान्यता प्राप्त हैं। इन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। विभाग के आदेशानुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
•स्कूल संचालकों में हड़कंप, अभिभावक परेशान
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने के नोटिस भेज
कॉलेजों मेें आई कार्ड से होगी एंट्री : भुक्कल
शिक्षामंत्री ने झज्जर में सुनीं लोगों की समस्याएं
• अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। शिक्षामंत्री गीता भुक्कल ने ने कहा कि अब प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में बाहरी शरारती तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों के आई कार्ड बनाए जाएंगे। आई कार्ड के आधार पर ही महाविद्यालय के मुख्य गेट से प्रवेश दिया जाएगा। वे रविवार को झज्जर के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में लोगों की समस्याएं सुनने के बाद पत्रकारों से बात कर रहीं थीं।
शिक्षामंत्री भुक्कल ने बताया कि जिस प्रकार राजकीय महाविद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं उसी प्रकार आई कार्ड बनाने की योजना को भी मूर्त रूप दिया जा रहा है। जल्द ही विद्यार्थियों के आई कार्ड बनाकर वितरित कर दिए जाएंगे। उसके बाद बिना आई कार्ड के महाविद्यालय में प्रवेश निषेध रहेगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य बच्चों को सही और गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करना है।
निजी स्कूलों की मान्यता को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में शिक्षामंत्री भुक्कल ने कहा कि जो निजी स्कूल कानून का पालन नहीं करते उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला न कराएं। यदि दाखिला करा दिया है तो उन्हें वहां से हटवा कर निकटवर्ती राजकीय विद्यालयों में अथवा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश दिलाएं।
अमर उजाला
स्कूल में पंद्रह महिला शिक्षकों की तैनाती
नरवाना (जींद)। शिक्षा विभाग ने जिले के एक गांव में नौंवी कक्षा की छात्रा से अध्यापक द्वारा दुराचार किए जाने के मामले से उपजे हालात पर नियंत्रण पाते हुए संबंधित राजकीय विद्यालय में स्टाफ को बदलते हुए पंद्रह महिला शिक्षकों की नियुक्ति कर दी है। इन नियुक्तियों के साथ ही अब सोमवार से स्कूल खुल जाएगा, जिसे ग्रामीणों ने दुराचार का मामला उजागर होने और अध्यापक की पिटाई के बाद से बंद कर रखा था। उनकी मांग थी कि स्कूल में महिला शिक्षिकों की नियुक्त की जाए, अन्यथा वे अपनी बच्चियों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा रविवार शाम को जींद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी गई सूची के मुताबिक, धरोदी से चांदकौर, सच्चाखेड़ा से प्रवीण रानी, दनौदा से दीपा, दनौदा कलां से सुदेश कुमारी, दबलैन से जयदेवी, धमतान साहिब से मनोज कुमारी, पीपलथा से हरदीप कौर, बेलरखा से बीरमती, दबलैन से राजेश कुमारी, दनौदा कलां से रीटा अग्रवाल व सरोज कुमारी, दनौदा खुर्द से बबीता को राजकीय विद्यालय में तैनात किया गया है। इसी परिसर में चल रहे राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में बदौवाल से वीना भाटिया को मुख्याध्यापक, नरवाना से जेबीटी मनोज कुमारी व शीला देवी को तैनात करने आदेश भी जारी किए गए हैं।
तबादला करके भेजी गई सभी महिला टीचरों को सोमवार सुबह आठ बजे तक स्कूल पहुंचकर ज्वाइनिंग रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जींद को भेजने के लिए कहा गया है।
छात्रा से रेप की कड़ी निंदा
•छात्रा के रेप से गुस्साए ग्रामीणों की मांग मानी
मारुति के बर्खास्त कर्मियों पर भांजीं लाठिया
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कई लोगों को आईं चोटें, कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार कर अज्ञात स्थान पर भेजा
कैथल। पिछले 60 दिनों से कैथल में आंदोलनरत मारुति से निकाले गए कर्मचारियों को पुलिस ने रविवार शाम लाठीचार्ज करते हुए कुरुक्षेत्र रोड बाईपास चौक के पास से खदेड़ दिया। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए पानी की बौछारें कीं और आंदोलनकारी महिलाओं एवं कर्मचारी नेताओं पर लाठियां बरसाईं। बाद में प्रमुख कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार करके अज्ञात स्थान की ओर ले गई। इससे पूर्व भी शनिवार आधी रात को लघु सचिवालय में धरना दे रहे कर्मचारियों को बल प्रयोग करते हुए खदेड़ दिया और करीब 50 से ज्यादा कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई थी। प्रशासन की ओर से धारा 144 लागू किए जाने बावजूद कर्मचारियों और पुलिस में लुका-छिपी का खेल चलता रहा। रविवार सुबह लघु सचिवालय, करनाल रोड सहित शहर में प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात था। धारा 144 लगे होने के बावजूद प्रशासन बेबस नजर आया।
प्रशासन की सारी रणनीति को फेल करते हुए कर्मचारी गांव प्यौदा में एकत्रित हुए। इस दौरान पुलिस-प्रशासन कर्मचारियों की टोह लेता हुआ दिखाई दिया। करीब एकबजे 60 से 70 गाड़ियों में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने करीब एक हजार से अधिक कर्मचारी गांव प्यौदा से शहर की ओर कूच किया। वहां ढयोडखेड़ी मार्ग से जींद रोड बाईपास पर पहुंचे। इसके बाद गाड़ियाें से उतर कर पैदल ही राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 की ओर कूच कर दिया। कर्मचारियों ने इस दौरान जमकर प्रदर्शन किया।
विभिन्न संगठन सदस्य अपने परिजनों के साथ, जिसमें महिलाएं और युवतियां भी शामिल थीं, प्रदर्शन करते हुए करनाल रोड बाईपास चौक को क्रॉस करते हुए ढांड रोड बाईपास चौक पहुंचे। जहां करीब दो बजे कुरुक्षेत्र मार्ग पुलिस बल ने बेरिकेड से उन्हें राक लिया। करीब चार घंटे तक एक तरफ कर्मचारी तो दूसरी ओर पुलिस डटी रही।
लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस का नेतृत्व एसडीएम नर सिंह बांगड़, ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार जयभगवान शर्मा, डीडीपीओ राजेश खौथ, पुलिस उपाधीक्षक सुरेंद्र भौरिया कर रहे थे।
लोगों ने पुलिस पर किया पथराव
करीब छह बजे तक कर्मचारियों और अधिकारियों में कई दौर की बातचीत हुई। इसमें कर्मचारी शनिवार रात हिरासत में लिए गए कर्मचारियों को छोड़ने की जिद पर अड़े रहे। कर्मचारियों की ओर से बेरिकेड हटाने का प्रयास करते ही पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए कर्मचारियों को खदेड़ दिया। इस दौरान पत्थर लगने से फायर ब्रिगेड की गाड़ी का शीशा टूट गया। कई कर्मचारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं। पुलिस ने कामरेड प्रेमचंद, शकुंतला, रामनिवास सहित कर्मचारी नेताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें अज्ञात स्थान पर ले गए। पुलिस ने आंसू गैस का एक गोला भी छोड़ा और कर्मचारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें कीं। पुलिस ने भागते हुए प्रदर्शनकारियोें को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पुलिस पर पथराव किया गया।
कैथल में 60 दिनों से धरना दे रहे मारुति से निकाले गए कर्मचारियों ने रविवार को कैथल में लोकनिर्माण मंत्री रणदीप सुरजेवाला के आवास का घेराव करने का ऐलान किया था। इसके चलते प्रशासन की ओर से शनिवार शाम पांच बजे ही धारा 144 लागू कर दी थी। इसके बाद दूसरे जिलों से भारी पुलिस बुलाकर लघु सचिवालय में तैनात किया गया था।
•महिलाओं और कर्मचारी नेताओं को भी नहीं छोड़ा
•चार घंटे तक कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाम
•धारा 144 की धज्जियां उड़ीं, प्रशासन फेल
•रात को भी बारह बजे खदेड़ा लघु सचिवालय से
•आंदोलनकारी कर्मचारियों पर पानी की बौच्छार करते पुलिसकर्मी।
Teacher bharti
अब अपने स्कूलों में पीटी व आर्ट टीचरों की भर्ती करेगा EDMC
नई दिल्ली.ईडीएमसी अब अपने स्कूलों में पीटी व आर्ट टीचरों की भर्ती करेगा। ईडीएमसी के स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन संजय सुरजन ने एजुकेशन सेल के अधिकारियों को यह निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि 700 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में 10 प्रतिशत शिक्षक पीटी व आर्ट के रखने के साथ इनकी अतिरिक्त कक्षा भी प्रारंभ की जाए।
इसके अतिरिक्त स्कूलों में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए जल्द ही टेंडर जारी होगा।सुरजन ने कहा कि ईडीएमसी सेना व अर्ध सैन्य बलों से सेवानिवृत्त शिक्षकों को निगम के गल्र्स स्कूल में अनुबंध के आधार पर नियुक्त करेगा।
Residance certificate
स्कूलों में रिहायशी प्रमाण पत्र बनाने की योजना पर काम शुरू
संवाद सहयोगी, पलवल :
विद्यार्थियों को रिहायशी प्रमाण पत्र के लिए तहसील व नगर परिषद कार्यालयों के धक्के खाने से बचाने के लिए स्कूल में ही रिहायशी प्रमाण पत्र बनाने की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य में लिए स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर शिक्षा विभाग ने सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक जून से यह योजना लागू हो जाएगी।
ध्यान रहे कि जिला उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी ने पिछले माह जिला शिक्षा अधिकारी व उप जिला शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में आदेश जारी कर कहा था कि वे अपने स्कूलों के प्रधानाचार्यो व मुख्य अध्यापकों को इस संबंध में ड्यूटी लगाकर निर्देश जारी कर दें, ताकि विद्यार्थियों को तहसील व नगर परिषद आदि कार्यालयों के धक्के न खाने पड़ें।
क्या है योजना?
योजना के तहत प्रत्येक स्कूल में एक अध्यापक की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो छात्रों के रिहायशी प्रमाण पत्र के लिए जरूरी कागजात व खर्च होने वाली राशि लेकर स्वयं तहसील व एसडीएम कार्यालय में जाएगा और छात्रों के रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाकर उन्हें स्कूल में ही देगा। इस कार्य के दौरान किसी छात्र से ज्यादा पैसे न लेने के भी आदेश दिए गए थे।
स्कूलों में ही जल्द बनने शुरू होंगे रिहायशी प्रमाण पत्र
प्रशासन ने यह निर्णय छात्रों को परेशानी से बचाने के लिए लिया गया। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी और रिहायशी प्रमाण पत्र उन्हें स्कूल में ही आसानी से मिल जाएंगे। उपायुक्त के आदेश पर शिक्षा विभाग ने स्कूलों में इस कार्य के लिए जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी है, उनकी सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। इसके लिए अध्यापकों की इच्छा का भी ध्यान रखा जा रहा है। विभाग ने इस योजना को एक जून से लागू करने की पूरी तैयारी की है।
सरकारी स्कूलों में होगा थ्री टायर सिस्टम, योजना लागू करने की तैयारी
भिवानी. शिक्षा विभाग प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की योजना बना रहा है। इसे नए सत्र से इसे लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत स्कूलों में थ्री टायर सिस्टम लागू होगा यानी पहली से 12वीं कक्षा को अब तीन भागों में बांटा जाएगा। पहली से चौथी, पांचवीं से आठ और नौंवी से 12वीं कक्षा के तीन अलग ग्रुप होंगे।
पहली से चौथी कक्षा के बच्चों को प्राथमिक शिक्षक (जेबीटी) पढाएंगे। पांचवीं से आठ कक्षाओं को टीजीटी यानी ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर पढ़ाएंगे। इसी तरह नौंवी से 12वीं कक्षाओं को लेक्चरर यानी पोस्ट ग्रेजुएट टीचर पढ़ाएंगे। इस बदलाव के पीछे विभाग की सोच यह भी बताई जा रही है कि नौंवी कक्षा से ही बच्चों को लेक्चरर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी करवा पाएंगे।
फिलहाल मैट्रिक तक को पढ़ा रहे टीजीटी
प्रदेश में चल रहे फिलहाल के एजुकेशन सिस्टम के तहत पहली से पांचवीं, छठी से 10वीं और 11वी व 12वीं के तीन ग्रुप है। छठी से 10वीं कक्षा तक को टीजीटी यानी मास्टर व सीएंडवी,11वीं 12वीं कक्षाओं को लेक्चरर और पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं को जेबीटी अध्यापक पढ़ा रहे है।
अनेक स्कूल ऐसे भी है जहां मास्टरों की कमी के चलते लेक्चरर ही नौंवी, 10वीं कक्षा को पढ़ाते देखे जा सकते है। अब नए बदलाव के तहत बच्चों की संख्या, स्कूलों में प्राइमरी, टीजीटी, पीजीटी अध्यापकों की संख्या, जरूरत की सूची तैयार की जा रही है। इसके तहत ही शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
नए बदलाव के बाद लेक्चरर की मांग बढ़ेगी
प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था में किए जा रहे नए बदलाव के बाद लेक्चरर का जहां कार्य बढ़ेगा तो मांग भी बढ़ेगी। फिलहाल लेक्चरर 11वीं व 12 वीं कक्षा को ही पढ़ा रहे है। नई व्यवस्था के बाद उन्हें 11वीं व 12वीं के साथ- साथ नौंवी व 10वीं को भी पढ़ाना पड़ेगा। इससे उनका कार्य लगभग दोगुना हो जाएगा।
फिलहाल प्रदेश में लेक्चरर के 12605 स्वीकृत पद है और 8436 ही कार्यरत है। नई व्यवस्था में और अधिक लेक्चरर की जरूरत पड़ेगी। इससे नई भर्ती की संभावनाएं बढ़ गई है। इसके अलावा मास्टर, सीएंडवी, जेबीटी की पदोन्नति की संभावनाएं भी बढ़ गई है।
मास्टर वर्ग व लेक्चरर वर्ग की जिम्मेदारी तय करने के लिए थ्री टायर सिस्टम नए सत्र से लागू किया जा रहा है। इसके तहत अब सभी कक्षाओं को तीन वर्गो पहली से चौथी, पांचवीं से आठवीं और नौंवी से 12वी कक्षा में बांटा गया है। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है।
- गीता भुक्कल
Reserve Bank of India, Kanpur Notified Recruitment for Security Guard Posts 2013
Reserve Bank of India, Kanpur invited application for recruitment to the Security Guard Posts in Class IV Cadre. The candidates eligible for the post can apply through prescribed format before 17 June 2013.
<strong><span style="text-decoration: underline;">Important Date</span></strong>
<ul>
<li><strong>Opening Date for Registration</strong>: 18 May A2013</li>
<li><strong>Closing Date for Registration</strong>: 17 June 2013</li>
</ul>
<strong><span style="text-decoration: underline;">Details of Post</span></strong>
<ul>
<li><strong>Name of Post: Security Guard </strong></li>
<li><strong>Number of Posts: 20 Posts</strong></li>
</ul>
<strong><span style="font-size: small;"><a href="http://epaper.jagranjosh.com/116514/Banking/Reserve-Bank-of-India-Kanpur#dual/1/1/rw" target="_blank">Detailed Advertisement</a></span></strong>
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