मनमर्जी से बढ़ाई फीस तो रद्द हो जाएगी मान्यता

चंडीगढ़। केंद्रीय मानव संसाधन व विकास मंत्रालय ने मंगलवार को दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई। बैठक में स्कूल फीस व डोनेशन, वोकेशनल कोर्सेज और शिक्षा के अधिकार (आरटीई) आदि तीन प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में कहा गया कि डोनेशन और मनमानी से फीस बढ़ाने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द हो सकती है।

प्राइवेट स्कूलों पर प्रशासन लगाएगा लगाम
बैठक में कहा गया कि प्राइवेट स्कूलों में मनमर्जी से फीस बढ़ाने और दाखिले के लिए स्टूडेंट्स से वसूली जाने वाली डोनेशन पर प्रशासन लगाम कसेगा। शहर के प्राइवेट स्कूलों में फीस आसमान छू रही है। वहीं दाखिला देने के लिए स्कूल स्टूडेंट्स से डोनेशन के रूप में मोटी रकम वसूलते हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति प्रशासन से स्कूल की शिकायत करता है तो स्कूल की मान्यता भी रद्द हो सकती है।

मिडिल से शुरु होंगे वोकेशनल कोर्सेज
अब गवर्नमेंट स्कूलों में आठवीं क्लास से साधारण शिक्षा के साथ-साथ वोकेशनल कोर्सेज शुरू किए जाएंगे, ताकि स्टूडेंट शुरुआती स्तर पर ही सीखने और करियर बनाने के लिए अपना प्रोफेशन तय कर सकें। अब तक ग्यारहवीं क्लास में ही वोकेशनल कोर्सेज में दाखिला मिलता था। शहर के 22 स्कूलों में 24 वोकेशनल कोर्सेज चल रहे हैं। जल्द ही कुछ नए कोर्स शुरू होंगे।

सीनियर सेकेंडरी स्तर पर आरटीई
बैठक में शिक्षा के अधिकार को मात्र मिडिल क्लास तक ही नहीं बल्कि सीनियर सेकेंडरी क्लास तक लागू करने पर भी चर्चा हुई। आरटीई एक्ट के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया गया है। इसमें बच्चों को पढ़ाई, यूनिफॉर्म और मिड-डे मील की सुविधा उपलब्ध है।

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