बीटी, बीएड संस्कृत अध्यापक भी अब मुख्याध्यापक बन सकेंगे+++आरोही स्कूल को मिलेगा ठिकाना+++

  चंडीगढ़ .   हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने बीटी/बीएड के समक्ष योग्यता वाले संस्कृत अध्यापकों को भी मुख्याध्यापक के पद पर पदोन्नति का निर्णय लिया है। इसके लिए वरिष्ठता सूची के आधार पर दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। 30 सितंबर 1988 तक की सभी संस्कृत अध्यापकों की संयुक्त अस्थाई वरिष्ठता सूची तैयार की जा चुकी है। बीते अरसे में बीए, बीएड की शैक्षणिक योग्यता वाले संस्कृत शिक्षकों को मुख्याध्यापक के पद पर पदोन्नत किया जा चुका है। अब बीटी/बीएड के समक्ष योग्यता वाले संस्कृत अध्यापकों को भी मुख्याध्यापक  के पद पर पदोन्नति के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
घिराय, संवाद सहयोगी : पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए खोले गए आरोही मॉडल स्कूलों को जल्द ही अपना ठिकाना मिल जाएगा। इन आरोही मॉडल स्कूलों के लिए भवन बनाने के लिए सरकार ने बजट जारी कर टेंडर छोड़ दिए है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अन्य स्कूलों में पढ़ रहे आरोही मॉडल स्कूल के बच्चों के पास अपना स्कूल भवन होगा। योजना के तहत घिराय गांव के आरोही स्कूल के बच्चों को भी नए भवन का तोहफा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले सत्र से ही आरोही स्कूलों में कक्षा 9वीं व 11वीं की कक्षाएं शुरू हो चुकी है लेकिन अपना भवन न होने के कारण बच्चों को दूसरे स्कूल में पढ़ना पड़ रहा है। आरोही मॉडल के पास न तो पूरा स्टाफ है और न ही अपना भवन। अब तक इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई भी राम भरोसे ही चल रही है। स्कूल में मुश्किल से तीन प्राध्यापक डेपुटेशन पर तैनात है। स्कूल के पास खुद का भवन न होने के कारण बच्चों को गांव में स्थित अन्य स्कूल में शाम के समय पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस स्कूल में 9वीं व 11वीं में 100 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। सुविधाओं के अभाव में बच्चे परेशान क्षेत्र में जब आरोही स्कूल बने तो सभी अभिभावक खुश थे कि उनके बच्चे अंग्रेजी माध्यम में पढ़ सकेंगे। लेकिन सुविधाओं के अभाव में यहां बच्चे पढ़ नहीं पा रहे। यहां ना तो पूरे शिक्षक है और न ही अन्य कोई सामग्री। शिक्षक आते भी अपने इच्छा अनुसार हैं। इस बारे में आरोही स्कूल में से नाम कटवाकर निजी स्कूल में पढ़ने वाली मीनाक्षी के अभिभावक ने बताया की हमने अच्छी पढ़ाई के लिए ही इसका नाम आरोही स्कूल में लिखवाया था लेकिन स्कूल में सुविधाओं के अभाव के कारण ही इसका नाम आरोही स्कूल से कटवाकर गांव के निजी स्कूल में लिखवाना पड़ा। सर्व शिक्षा अभियान के चीफ इंजीनियर जीडी गोयल ने बताया कि टेंडर छोड़ दिए गए हैं। भवन निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।

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