राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : हरियाणा में पदोन्नति में आरक्षण के तहत प्रमोट हुए एससी वर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों को रिवर्ट करने का सिलसिला तेज हो गया है। दीपावली की रात को करीब दो दर्जन डिप्टी सुपरीटेंडेंट को रिवर्ट कर चुकी प्रदेश सरकार ने हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के 69 अधिकारियों व कर्मचारियों को रिवर्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार ने यह आदेश ठीक उस दिन जारी किए, जिस दिन सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने सीएम सिटी करनाल में सरकारी कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर हुंकार भरी। संघ सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहा है। हालांकि राज्य सरकार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना की कड़ी में यह फैसला ले रही है, लेकिन इस आदेश को लागू कर दिए जाने से बरसों पहले पदोन्नति हासिल कर चुके कर्मचारियों व अधिकारियों के सामने अजीब हालात पैदा हो गए हैं।
सरकार के इस फैसले का असर सिर्फ प्रमोट हो चुके एससी अधिकारियों व कर्मचारियों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि सामान्य श्रेणी के वह कर्मचारी भी लपेटे में आएंगे, जो पदोन्नति नहीं मिल पाने की ऐवज में सरकार की ओर से अन्य सुविधाएं और लाभ हासिल कर चुके हैं। 1हाईकोर्ट के इन आदेशों से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के करीब पांच हजार कर्मचारियों पर पदावनत होने की तलवार लटकी हुई है। सरकार ने फैसला लागू करने से पहले हर विभाग में सकरुलर जारी कर सभी विभागों से ऐसे कर्मचारियों की जानकारी मांगी है जो इस फैसले को लागू करने से प्रभावित होंगे। ऐसे कर्मचारियों की 16 मार्च, 2006 के बाद से ही सीनियरिटी संबंधी जानकारी भी मांगी गई थी। इन्हें हुड्डा सरकार में पहले 16 मार्च, 2006 के निर्देशों के तहत और बाद में 28 फरवरी, 2013 की पॉलिसी बनाकर प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिया गया था। हाईकोर्ट ने सरकारी निर्देशों को 7 अगस्त 2012 और पॉलिसी को 14 नवंबर 2014 को रद्द कर दिया था।1 हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक अनिल मलिक हालांकि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के साथ चीन के दौरे पर हैं, लेकिन उनके हस्ताक्षर से कर्मचारियों को रिवर्ट करने के आदेश 24 नवंबर को जारी किए गए हैं। रिवर्ट कर्मचारियों में अधिकतर सहायक सचिव और एमएस हैं ।www.facebook.com/teacherharyana www.teacherharyana.blogspot.in (Recruitment , vacancy , job , news)
सरकार ने यह आदेश ठीक उस दिन जारी किए, जिस दिन सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने सीएम सिटी करनाल में सरकारी कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर हुंकार भरी। संघ सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहा है। हालांकि राज्य सरकार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना की कड़ी में यह फैसला ले रही है, लेकिन इस आदेश को लागू कर दिए जाने से बरसों पहले पदोन्नति हासिल कर चुके कर्मचारियों व अधिकारियों के सामने अजीब हालात पैदा हो गए हैं।
सरकार के इस फैसले का असर सिर्फ प्रमोट हो चुके एससी अधिकारियों व कर्मचारियों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि सामान्य श्रेणी के वह कर्मचारी भी लपेटे में आएंगे, जो पदोन्नति नहीं मिल पाने की ऐवज में सरकार की ओर से अन्य सुविधाएं और लाभ हासिल कर चुके हैं। 1हाईकोर्ट के इन आदेशों से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के करीब पांच हजार कर्मचारियों पर पदावनत होने की तलवार लटकी हुई है। सरकार ने फैसला लागू करने से पहले हर विभाग में सकरुलर जारी कर सभी विभागों से ऐसे कर्मचारियों की जानकारी मांगी है जो इस फैसले को लागू करने से प्रभावित होंगे। ऐसे कर्मचारियों की 16 मार्च, 2006 के बाद से ही सीनियरिटी संबंधी जानकारी भी मांगी गई थी। इन्हें हुड्डा सरकार में पहले 16 मार्च, 2006 के निर्देशों के तहत और बाद में 28 फरवरी, 2013 की पॉलिसी बनाकर प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिया गया था। हाईकोर्ट ने सरकारी निर्देशों को 7 अगस्त 2012 और पॉलिसी को 14 नवंबर 2014 को रद्द कर दिया था।1 हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक अनिल मलिक हालांकि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के साथ चीन के दौरे पर हैं, लेकिन उनके हस्ताक्षर से कर्मचारियों को रिवर्ट करने के आदेश 24 नवंबर को जारी किए गए हैं। रिवर्ट कर्मचारियों में अधिकतर सहायक सचिव और एमएस हैं ।www.facebook.com/teacherharyana www.teacherharyana.blogspot.in (Recruitment , vacancy , job , news)
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