पीएमटी का पर्चा लीक हुआ

रायपुर. पीएमटी का पर्चा फूटने के बाद प्रदेश शासन ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अध्यक्ष आईएसएस विजयेंद्र और नियंत्रक डा. बीपी त्रिपाठी को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री के सचिव और आईएफएस अफसर के सुब्रमण्यम को मंडल का नया अध्यक्ष और प्रदीप चौबे को नियंत्रक बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) निरस्त
 पीएमटी के पर्चे के लीक होने की पुष्टि के बाद सकते में आए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने 19 मई को आयोजित प्री मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) को निरस्त कर दिया है। मंडल के नियंत्रक डॉ. बीपी त्रिपाठी ने इस घटना की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा है कि जल्द ही नई तारीखों की घोषणा की जाएगी। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि तखतपुर में पकड़े गए गिरोह के पास से मिले पर्चे कहां से लीक हुए।महीनेभर के अंदर दूसरी बार पीएमटी का पर्चा फूटने की घटना ने मंडल के साथ-साथ प्रदेश की साख पर बट्टा लगा दिया है।

पहले सवाल रिपीट, अब पर्चा लीक
 प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करने वाला व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की विश्वसनीयता दांव पर लग गई है। खासकर इस साल की पीएमटी तो शुरू से ही विवाद में उलझी रही। 11 मई को हुई पीएमटी में बैठे छात्र हैरान रह गए जब उनको पता चला कि तीनों प्रश्नपत्रों में पूछे गए 70 फीसदी से ज्यादा सवाल यूपीपीएससी में पूछे जा चुके हैं। उनके मॉडल आंसर इंटरनेट पर उपलब्ध थे। सवालों के सीक्वेंस तक नहीं बदले थे। कुल 150 में से 130 सवाल हूबहू रिपीट थे। खासकर जूलॉजी के पेपर में तो ज्यादातर सवाल उसी क्रम में पूछे गए थे। हड़बड़ाए व्यापमं ने तुरंत पर्चा निरस्त करने की घोषणा कर दी। 

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