प्राथमिक शिक्षक संघ ने खोली सरकार की पोल

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य प्रधान विनोद ठाकरान के नेतृत्व में स्कूलों का निजीकरण करने के विरोध में शनिवार को शिक्षा सदन पंचकूला में धरना दिया और उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पंचकूला से प्रदर्शन करके लौटने के बाद प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान रोशन लाल पंवार ने बताया कि सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार कानून को सही ढग से लागू न करने पर लताड़ लगाई तथा शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की आलोचना की।
पंवार ने कहा कि सरकार शिक्षकों की हितैषी होने का ढोंग कर रही है जबकि यह सरकार शिक्षकों का मानसिक व आर्थिक शोषण कर रही है। पड़ोसी राज्य पंजाब ने प्राथमिक शिक्षकों को 16290 रुपये मूल वेतन दिया है। सरकार शिक्षा का अधिकार कानून की धज्जिया उड़ा रही है जिसके कारण 120 छात्र संख्या वाले स्कूलों में 1: 30 व च्यादा संख्या वाले संख्या वाले स्कूलों में 1: 40 के अनुसार रैशनेलाइजेशन किया जा रहा है और मुख्यशिक्षकों के भी इसके तहत तबादले किए जा रहे है तथा अध्यापकों को उनके खण्डों में समायोजित न करके दूसरे खण्डों में भेजा जा रहा है।
प्रदर्शन के लिए वरिष्ठ उपप्रधान राजेश बैनीवाल, राकेश रत्‍‌न, राजबीर कौल, सुरेन्द्र धानिया, ओपी कुण्डू, बलवान छौत, जसविन्द्र चहल, नरेन्द्र गौड़, सूरजभान, पंकज कौशिक, संत धीमान, रामदिया, नरेश सिरसवाल, बलजीत गोपेरा, सतीस फ्रासवाला, जगजीत, प्रीतम राणा, जसबीर सगवाल, कृष्ण सगवाल, सुरजीत सौंगल, महावीर अठवाल, आदि अध्यापक पंचकुला के लिए रवाना हुए थे।



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