एससी/एसटी के खाली पद भरने को मंजूरी

नयी दिल्ली, 4 जनवरी (भाषा)। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सरकार ने केन्द्र की नौकरियों में अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) के रिक्त पदों को भरने के प्रस्ताव पर आज मुहर लगा दी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट ने लगभग 50 हजार ऐसे रिक्त पदों को भरने का निर्देश दिया है। यह फैसला ऐसे समय किया गया है, जब फरवरी में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले कैबिनेट ने अन्य पिछड़े वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण में अल्पसंख्यकों के लिए 4.5 प्रतिशत आरक्षण का फैसला भी किया है। आज के फैसले को मायावती के शासन वाले राज्य में कांग्रेस द्वारा मतदाताओं को लुभाने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा अंतर-मंत्रालयीय मतभेदों के चलते सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा शेयरों की पुनर्खरीद और अन्य तरीकों से विनिवेश के प्रस्ताव पर फैसला टाल दिया। एक अधिकारी ने बताया-पुनर्खरीद के प्रस्ताव पर चर्चा हुई लेकिन फैसला टाला गया है।
इस बीच सूत्रों ने बताया कि सरकार ने कमजोर बाजार परिस्थितियों के कारण सेल, ओएनजीसी, एनएमडीसी, एनटीपीसी, कोल इंडिया, आयल इंडिया, नेवेली लिग्नाइट, एनएचपीसी, भेल और गेल सहित लगभग दो दर्जन कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के वैकल्पिक तरीके को अंतिम रूप देने की योजना टाल दी है।
कैबिनेट ने जम्मू कश्मीर में कटड़ा से काजीगुंड रेल संपर्क परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त लगभग 19000 करोड़ रूपए को मंजूरी दी। बुनियादी ढांचा संबंधी कैबिनेट समिति ने इस संबं में पेश किये प्रस्ताव पर मुहर लगाई। कटड़ा से काजीगुंड के बीच जिस हिस्से पर रेल लाइन बिछाई जा रही है, वह काफी दुर्गम पहाडिय़ों पर स्थित है। जम्मू से ऊधमपुर तथा काजीगुंड से बारामुला के बीच रेल परिचालन चालू है जबकि ऊधमपुर-कटरा रेल संपर्क जल्द चालू हो जाएगा। केंद्र ने प्रवासी भारतीय कामगारों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने उन्हें पेंशन और बीमा के फायदे देने के लिए एक फंड स्थापित करने का फैसला किया है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी भारतीय कामगारों के स्वदेश लौटने पर उन्हें पेंशन और बीमा के फायदे पहुंचाने की नीयत से यह फंड बनाया जा रहा है।
इसके अलावा कैबिनेट ने नेपाल में रह रहे पूर्व गोरखा सैनिक पेंशनरों को पूर्व सैनिक भागीदारी स्वास्थ्य स्कीम का लाभ देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। सरकारी बयान में कहा गया कि यह स्कीम नेपाल में रह रहे भारतीय सेना के सेवानिवृत्त पूर्व गोरखा सैनिकों के लिए वैकल्पिक होगी। नेपाल में रह रहे लगभग एक लाख पूर्व गोरखा सैनिक और उनके 2.17 लाख आश्रितों को इस स्कीम से फायदा होगा। वे भारतीय पालीक्लीनिक और ईसीएचएस के पैनल वाले सिविल अस्पतालों में इस स्कीम के तहत इलाज करा सकते हैं

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