एक हजार गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला नहीं

नियम 134ए : सैकड़ों परिजन लघु सचिवालय में एकत्रित, सीनियर वकील सात नंवबर को हाईकोर्ट में बच्चों की सूची पेश करेंगे
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जिले के एक हजार छात्रों का प्राइवेट स्कूलों में पढऩे का सपना अधूरा रह गया है। हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद भी प्रशासन ऐसे बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला नहीं दिला सका।

इसी संबंध में सोमवार को सीनियर वकील सत्यवीर सिंह हुडा और बाल्मीकि नेता रामदिया चावरिया के नेतृत्व में जिले भर के चार सौ परिजन लघु सचिवालय में एकत्रित हुए। इन परिजनों का आरोप है कि उनके बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला नहीं मिला। वे इस बारे में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को भी शिकायत कर चुके हैं। सीनियर वकील ने बताया कि उन्होंने जिले भर के ऐसे एक हजार बच्चों की लिस्ट तैयार कर ली है, जिन्हें प्राइवेट स्कूलों में दाखिला नहीं मिला। ये सभी बच्चें पिछड़े वर्ग से संबंधित हैं। वे इस लिस्ट को सात नंवबर को हाईकोर्ट में पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए थे कि सरकार हर जिले में पांच सदस्यों की कमेटी बनाकर 134ए को लागू कराएंगी। सरकार के आदेशों पर जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई।

हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार हर माह कमेटी की एक बैठक होनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। ऐसे में गरीब परिवार जिनकी वार्षिक आमदन अढ़ाई लाख से कम है, वे अपने बच्चों को 134ए के तहत किसी भी प्राइवेट स्कूल में दाखिला करवा सकते हैं, लेकिन ऐसा बहुत कम हुआ है कि बच्चों को ऐसे स्कूलों में दाखिला मिला हो। लघु सचिवालय में सुबह ही सैकड़ों की संख्या में परिजन पहुंचने शुरू हो गए। इस मौके पर दर्शन, सोनिया, मीनू, नीतू, ज्योति, कंचन, वीना, सुमन, अंजू, सुमन, सुषमा, रमेश कुमारी, अंगूरी देवी, मधू, ममता, रेखा, भारती और सोनू गांधी उपस्थित थी। 

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