सौर ऊर्जा से रोशन होंगे सरकारी दफ्तर


प्रदेश में 1100 किलोवाट के सौर ऊर्जा प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार द्वारा जिलास्तर पर 50 किलोवाट के प्लांट लगाए जाएंगे। इस योजना का लाभ केवल सरकारी और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विभागों को ही मिलेगा। नवी एवं नवीकरण सौर ऊर्जा मंत्रालय ने सौर ऊर्जा पावर प्लांटों के लिए 30 प्रतिशत सब्सिडी रखी है। केंद्र की इस योजना को विस्तार रूप देने के लिए राज्य सरकार ने भी 40 प्रतिशत सब्सिडी की घोषणा कर दी है। इतना ही नहीं, प्रदेश में सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाने के लिए 1100 किलोवाट का लक्ष्य भी निधार्रित कर दिया है। प्रत्येक जिले में कम से कम 50 किलोवाट के पावर प्लांट लगाए जाएंगे। विभाग ने वर्ष 2013 में इस लक्ष्य को पूरा करने का बाड़ा उठाया है। विभाग के महानिदेशक ने प्रदेश के सभी अतिरिक्त जिला उपायुक्त एवं मुख्य परियोजना अधिकारी डीआरडीए को पत्र लिखकर इसे गति देने का निर्देश दिया है। इन भवनों को मिलेगी प्राथमिकता : सौर ऊर्जा विभाग के जिला परियोजना अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि सरकारी तथा अ‌र्द्ध सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाने की प्राथमिकता रहेगी। जिनमें अस्पताल, पुलिस स्टेशन, स्कूल, मार्केटिंग बोर्ड की मंडियां, कामकाजी महिला हॉस्टल सहित अन्य सरकारी विभागों के भवन शामिल हैं। पावर प्लांट लगाने की शर्त भी रखी है क्योंकि पांच किलोवाट से कम कोई भी प्लांट स्थापित नहीं होगा। अधिकतम 100 किलोवाट का प्लांट स्थापित किया जा सकता है। 70 प्रतिशत मिलेगी सब्सिडी : नवी एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय ने पावर प्लांट के लिए रेट निर्धारित किए हैं। एक किलोवाट के लिए दो लाख बीस हजार तथा दस से सौ किलोवाट के लिए दो लाख रुपये किलोवाट रेट निर्धारित किया है। इन रेट पर 30 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार सब्सिडी देगी। सरकारी विभागों से मांगे आवेदन : अतिरिक्त उपायुक्त आरसी बिधान ने बताया कि 30 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत सब्सिडी राज्य सरकार दे रही है। इसके लिए सरकारी विभागों में पत्र लिखकर जरूरत के हिसार से डिमांड मांगी है। संभावना है कि जिले में 50 किलोवाट का लक्ष्य आसानी से पूरा कर लिया जाएगा

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