राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेंगे शिक्षक


 प्रदेश के सरकारी स्कूलों के अध्यापक भी सातवें वेतन आयोग के गठन, अध्यापकों के लिए अलग से राष्ट्रीय शिक्षक वेतन आयोग बनाने व अन्य शिक्षक कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर 20 व 21 फरवरी को राष्ट्र व्यापी हड़ताल में भाग लेंगे। यह आह्वान रविवार को अग्रवाल धर्मशाला में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की प्रधान वजीर सिंह की अध्यक्षता में हुई राज्य कार्यकर्ता कन्वेंशन में किया गया।
इससे पूर्व राज्य शिक्षक कार्यकर्ता सम्मेलन का उद्घाटन संघ के पूर्व प्रधान सत्यपाल सिवाच ने करते हुए नई आर्थिक नीतियों के शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों की बजाय पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप, आउट सोर्सिग, ठेकेदारी, निजीकरण व्यवस्था के तहत शिक्षा को सिकोड़ा जा रहा है तथा आम आदमी को शिक्षा से वंचित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा को धन्ना सेठों के हवाले कर उन्हें भारी मुनाफे कमाने के लिए वातावरण बनाया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष वजीर सिंह ने अध्यापकों को चेताया कि वे शिक्षा को खरीद बेच की वस्तु न बनने दे तथा वे चाक-बोर्ड की लड़ाई के साथ-साथ शिक्षा को बचाने के लिए सिर-धड़ की की बाजी लगा देंगे। 20 व 21 फरवरी को हड़ताल की जोरदार कामयाबी के लिए उन्होंने बताया कि अध्यापक संघ की सैकड़ों टीमें हरियाणा के हर अध्यापक तक दस्तक देंगी। इसके लिए हड़ताल के मुद्दों को लेकर हजारों पोस्टर, पंपलेट व स्टीकर अध्यापकों में वितरित किए जाएंगे।
सरकारी स्कूलों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत भारती फाउंडेशन की पहल परियोजना के हवाले करने के सरकार के निर्णय के विरोध में 29 जनवरी को प्रदेश के अध्यापक सभी जिलों में मुख्यालयों पर प्रदर्शन करके उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे। सरकार व शिक्षा विभाग ने कुरुक्षेत्र व महेंद्रगढ़ जिलों के कई स्कूलों को पहल परियोजना के हवाले करने का फरमान जारी कर दिया है। राज्य महासचिव सीएन भारती ने गत वर्ष नवंबर में रोहतक में शिक्षक आक्रोश रैली में बड़ी उपस्थिति के लिए अध्यापकों का आभार जताया। कन्वेंशन में बिजली क्षेत्र में एस्मा लगाने तथा बिजली में निगमीकरण के माध्यम से लूट को बरकरार करने के लिए कर्मचारी नेताओं की बर्खास्तगी के विरोध में संगठन के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष बलवीर सिंह ने प्रस्ताव रखकर मांग की कि एस्मा वापस हो व कर्मचारी नेताओं की बर्खास्ती वापस ली जाए। 2000 में नियुक्त 3602 जेबीटी शिक्षकों की सेवाएं प्रभावित न करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
स्कूलों को भारती फाउंडेशन की पहल परियोजना के अधीन करने के निर्णय के खिलाफ प्रस्ताव राज्य उप महासचिव सुरजीत सैनी ने रखा। अतिथि अध्यापकों को पक्का करने की मांग का प्रस्ताव गजे सिंह भ्याण ने रखा। इस अवसर पर रामकिशन पूनिया, महताब मलिक, सुमित्रा देवी, कृष्णा, निर्मला, राजेंद्र, सुखदर्शन आदि मौजूद थे।

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