UGC ने शिक्षा पद्धति में बदलाव को कहा


उच्च शिक्षा संस्थानों में पाठ्यक्रम के जरिए एक ऐसा माहौल तैयार किया जाए जिससे महिलाओं के लिए सम्मान एवं सुरक्षा संभव बनाई जा सके। इसके लिए यूनिवर्सिटीज कोर्स में बदलाव करें और एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज के जरिए ऐसा माहौल तैयार करें जिससे मेल-फीमेल के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण पैदा हो। यह नए आदेश दिए हैं यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने। इस लेटेस्ट आदेश में पाठ्यक्रम एवं मौजूदा माहौल पर पुनर्विचार के लिए भी कहा गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो अरुण ग्रोवर का कहना है कि उन्होंने इस दिशा में पहले ही काम शुरू कर दिया है। पाठ्यक्रम में बदलाव भी संभव है। इससे पहले रैङ्क्षगग रोकने में भी यूनिवर्सिटीज के प्रयास कामयाब रहे थे।
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने सभी यूनिवर्सिटीज को शिक्षा पद्धति में बदलाव करने के लिए कहा है। निदेशक वेद प्रकाश की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोर्सेज में बदलाव किया जाए। इनमें बदलाव के जरिए महिलाओं के प्रति सम्मान का माहौल पैदा हो। इसके अलावा समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं जिनसे संस्थान का माहौल बदले। इसमें छात्राओं एवं महिला कर्मियों को शामिल किया जाए। समाज का स्वस्थ दिशा देने में यूनिवर्सिटीज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। दिल्ली गैंग रेप की घटना से सबक लेते हुए यूजीसी ने शिक्षा संस्थानों में महिला स्टूडेंट्स और स्टाफ के लिए अधिक सुरक्षा मुहैया कराने का कहा है।
- सुरक्षा पर भी हो विचार
आदेश में लिखा गया है कि छात्राओं और महिला कर्मियों की सुरक्षा का पुनर्निरीक्षण किया जाना चाहिए। कैंपस एवं बाहर जहां भी सुरक्षा इंतजाम जरूरी लगें, इन्हें किया जाना चाहिए। गल्र्स हॉस्टल्स के बाहर सिक्योरिटी इंतजाम कड़े किए जाएं। सीनियर स्टाफ की ऐसी टास्क फोर्स गठित की जाए जो इस बात का ध्यान रखे कि महिलाओं को काम के लिए अच्छा माहौल मिल रहा है। इस संबंध में अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट यूनिवर्सिटीज यूजीसी को भेजें।
- कॉलेजों में भी जारी होंगे आदेश
यूजीसी के यह निर्देश सिर्फ यूनिवर्सिटी ही नहीं बल्कि कॉलेजों पर भी लागू होंगे। पाठ्यक्रम में बदलाव यूनिवर्सिटी के स्तर से शुरू होगा लेकिन सुरक्षा प्रबंध की जिम्मेदारी सभी उच्च शिक्षा संस्थानों की है।
- हमने इस संबंध में पहले ही प्रयास शुरू कर दिए हैं। पाठ्यक्रम के जरिए भी मदद हो सकती है। शिक्षा बदलाव का सर्वोत्तम जरिया है। रैङ्क्षगग रुकी है तो ईव टीजिंग भी इसके जरिए रुक सकती है। इस घटना के बाद हमें सोना नहीं है। आज का युवा जाग रुक और समझदार है इसलिए समाज में बदलाव आ जाएगा।
प्रो अरुण ग्रोवर, वाइस चांसलर, पीयू

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