फिर डाल पर बेताल -वेतन विसंगति-हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने 15 नवंबर से ............


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फिर डाल पर बेताल
वेतन विसंगति दूर करने समेत कई लंबित मांगों को जल्द पूरा करवाने के लिए हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने 15 नवंबर से सभी जिला मुख्यालयों में कार्यकर्ता सम्मेलन शुरू करने का एलान किया है। महासंघ ने आंदोलन की रूप रेखा तय करने के लिए रोडवेज कर्मचारी यूनियन के मुख्यालय को चुना जिसका सीधा अर्थ है कि इसमें रोडवेजकर्मियों की भूमिका सबसे अहम रहने जा रही है। इस बार सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती साबित होगी पंजाब के समान वेतनमान देने की पूर्ववर्ती सरकार की घोषणा। इस पर अमल करने में कितनी गंभीरता व तत्परता दिखाई जाएगी? क्या सरकार उसे जैसी है, जहां है के आधार पर लागू करेगी या बुढ़ापा पेंशन की तरह संशोधित, परिमार्जित रूप में पेश करेगी? ऐसे कई सवाल आमजन के साथ कर्मचारियों के जहन में हैं। कर्मचारी अपनी मांगों को फिर मजबूती के साथ सरकार के समक्ष रखने जा रहे है कि सभी विभागों में पिछले दो दशक से खाली पद होने के बाद भी नियम से नियमित भर्ती नहीं की जा रही, कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जा रहा और छठे आयोग की वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया जा रहा। पंजाब के समान वेतनमान की उनकी मांग नई नहीं है और पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में समयबद्ध घोषणा करके कर्मचारियों की उम्मीदों को पंख लगा दिए थे। यह तय है कि सरकार जनाकांक्षाओं, अपेक्षाओं को खारिज तो किसी सूरत में नहीं कर सकती पर मुख्य बात यह है कि यह काम कितनी जल्द और कितने तार्किक-व्यावहारिक तरीके से पूरा किया जाता है। रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों के लिए तीन बार राज्यव्यापी आंदोलन कर चुके हैं। परिवहन सेवाओं में व्यवधान के कारण आमजन को भारी परेशानी ङोलनी पड़ी, अंतत: सरकार को आगे आना पड़ा लेकिन हर बार किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका, केवल कुछ तात्कालिक राहतों के आधार पर ही कर्मचारी काम पर लौट गए। सरकार की कूटनीति अपना असर दिखा गई और रोडवेजकर्मियों के कई धड़े बन गए। यदि समस्या समाधान में तत्परता दिखाई जाती तो सरकार को बार-बार असहज स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। इस समय आवश्यकता है पिछली सरकारों की तदर्थवाद केंद्रित मानसिकता से उबरने की। व्यापक संदर्भो में हर मसले की व्याख्या हो तथा स्थायी समाधान को ही अंतिम विकल्प माना जाए, भले ही विलंब हो जाए। सरकार को कई मोर्चो पर अपने आपको सक्षम-समर्थ साबित करना है और इसके लिए कर्मचारियों को संतुष्ट कर पाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं।

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