हरियाणा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता ने प्रदेश में सभी अध्यापकों को शिक्षा सेतू कार्ड तथा अध्यापक डायरी को नियमित रुप से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में अध्यापक डायरी मैंटेन न करने वाले अध्यापकों को अपना कार्य पूरा न करने तक वेतन नहीं दिया जाएगा। वे आज हरियाणा के स्कूलों में आगामी शिक्षा स्तर से प्रदान की जा रही शिक्षा की गुणवता को बेहतर बनाने और नए पाठयक्रम की रुपरेखा तैयार करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहें थे। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में इस समय सरकारी स्कूलों में लगभग 1 लाख अध्यापक कार्यरत हैं और छात्र-अध्यापक का अनुपात करीब 36:1 का हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में महान शिक्षाविदों के विचारों से शिक्षा अधिकारियों को नई उर्जा मिलेगी और वे नए अनुभवों के साथ प्रदेश में शिक्षा तथा मौलिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत हैं। जहां अध्यापकों को अच्छा माहौल व बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं वहीं उनसे यह भी अपेक्षा रखी जाती हैं कि वे अध्यापन के कार्य को पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ पूरा करे, ताकि बच्चों के भविष्य को संवारा जा सके। इस कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय विश्वविद्यालय शिक्षा योजना एवं प्रशासन (न्यूपा) द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा के सौजन्य से किया जा रहा हैं। इस कार्यशाला में पूरे प्रदेश से लगभग 250 से अधिक जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी तथा खंड शिक्षा अधिकारी भाग ले रहें हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो मास के दौरान प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों का दौरा करने पर जहां स्टेट आवार्डी अध्यापकों द्वारा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए किए गए अदभुत प्रयासों को देखकर प्रसन्नता हुई, वहीं कई स्कूलों मेें अध्यापकों की अनदेखी के कारण शिक्षा के निम्र स्तर को देखकर गहरी निराशा भी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की कोई कोताही सहन नहीं की जाएगी तथा अपने डयूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महानिदेशक, मौलिक शिक्षा हरियाणा सुभाष चंद्र गोयल ने कहा कि यह समय की मांग हैं कि प्रत्येक बच्चा स्कूल जाए और शिक्षा ग्रहण करे। इसके लिए हमें मिलजुलकर कार्य करना होगा। अतिरिक्त निदेशक सुमेधा कटारिया ने कहा कि सभी अधिकारी अपने लक्ष्य को बनाए और टीम के रुप में कार्य करे। इस अवसर पर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय शिक्षा योजना एवं प्रशासन की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर के सुजाता ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा विस्तार कार्यक्रम के तहत स्कूलों, अध्यापकों तथा अन्य स्टाफ की संख्या में बढ़ौतरी हुई हैं। केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के तहत स्कूल शिक्षा के उत्थान के लिए प्रयास किए जा रहेंं हैं। शिक्षा में किए गए सुधारों को जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार की नितियों के तहत देश तथा प्रदेश में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और नए कार्यक्रमों से शिक्षक तथा विद्यार्थियों का क्षमतावर्धन भी होगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सर्व शिक्षा अभियान से भी बच्चों की शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी हैं। इस दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन लीडर के रुप में प्रशासक की बदली हुई भूमिका, हरियाणा में शिक्षा का अधिकार, रोल आफ डाटा प्लानिंग एवं मैनेजमैंट, जिला स्तर पर शिक्षा योजना जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
अध्यापकों को शिक्षा सेतू कार्ड तथा अध्यापक डायरी को नियमित रुप से पूरा करने के निर्देश Ho jao tayar sathio ho jao tayar...
हरियाणा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता ने प्रदेश में सभी अध्यापकों को शिक्षा सेतू कार्ड तथा अध्यापक डायरी को नियमित रुप से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में अध्यापक डायरी मैंटेन न करने वाले अध्यापकों को अपना कार्य पूरा न करने तक वेतन नहीं दिया जाएगा। वे आज हरियाणा के स्कूलों में आगामी शिक्षा स्तर से प्रदान की जा रही शिक्षा की गुणवता को बेहतर बनाने और नए पाठयक्रम की रुपरेखा तैयार करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहें थे। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में इस समय सरकारी स्कूलों में लगभग 1 लाख अध्यापक कार्यरत हैं और छात्र-अध्यापक का अनुपात करीब 36:1 का हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में महान शिक्षाविदों के विचारों से शिक्षा अधिकारियों को नई उर्जा मिलेगी और वे नए अनुभवों के साथ प्रदेश में शिक्षा तथा मौलिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत हैं। जहां अध्यापकों को अच्छा माहौल व बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं वहीं उनसे यह भी अपेक्षा रखी जाती हैं कि वे अध्यापन के कार्य को पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ पूरा करे, ताकि बच्चों के भविष्य को संवारा जा सके। इस कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय विश्वविद्यालय शिक्षा योजना एवं प्रशासन (न्यूपा) द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा के सौजन्य से किया जा रहा हैं। इस कार्यशाला में पूरे प्रदेश से लगभग 250 से अधिक जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी तथा खंड शिक्षा अधिकारी भाग ले रहें हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो मास के दौरान प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों का दौरा करने पर जहां स्टेट आवार्डी अध्यापकों द्वारा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए किए गए अदभुत प्रयासों को देखकर प्रसन्नता हुई, वहीं कई स्कूलों मेें अध्यापकों की अनदेखी के कारण शिक्षा के निम्र स्तर को देखकर गहरी निराशा भी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की कोई कोताही सहन नहीं की जाएगी तथा अपने डयूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महानिदेशक, मौलिक शिक्षा हरियाणा सुभाष चंद्र गोयल ने कहा कि यह समय की मांग हैं कि प्रत्येक बच्चा स्कूल जाए और शिक्षा ग्रहण करे। इसके लिए हमें मिलजुलकर कार्य करना होगा। अतिरिक्त निदेशक सुमेधा कटारिया ने कहा कि सभी अधिकारी अपने लक्ष्य को बनाए और टीम के रुप में कार्य करे। इस अवसर पर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय शिक्षा योजना एवं प्रशासन की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर के सुजाता ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा विस्तार कार्यक्रम के तहत स्कूलों, अध्यापकों तथा अन्य स्टाफ की संख्या में बढ़ौतरी हुई हैं। केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के तहत स्कूल शिक्षा के उत्थान के लिए प्रयास किए जा रहेंं हैं। शिक्षा में किए गए सुधारों को जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार की नितियों के तहत देश तथा प्रदेश में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और नए कार्यक्रमों से शिक्षक तथा विद्यार्थियों का क्षमतावर्धन भी होगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सर्व शिक्षा अभियान से भी बच्चों की शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी हैं। इस दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन लीडर के रुप में प्रशासक की बदली हुई भूमिका, हरियाणा में शिक्षा का अधिकार, रोल आफ डाटा प्लानिंग एवं मैनेजमैंट, जिला स्तर पर शिक्षा योजना जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
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