NHM 1200 कर्मचारियों को हटाया, 25 को होगी हाईकोर्ट में पेशी


एनएचएम के 1200 कर्मचारियों को हटाया, 25 को होगी हाईकोर्ट में पेशी
राममूर्ति धारी(अम्बाला)राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे करीब 1200 अनुबंध कर्मचारियों को सरकार ने एक बार फिर बहाने से 31 मार्च को निकाल दिया है। इस कारण प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अपने हक के लिए अनुबंध कर्मचारियों ने दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एनएचएम कर्मचारियों द्वारा 31 मार्च, 2016 के बाद नौकरी से हटाए जाने के विरुद्ध हाईकोर्ट चंडीगढ़ में दायर की गई है। याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपक सिब्बल की बैंच ने नोटिस ऑफ मोशन जारी कर सरकार के प्रतिनिधियों को 25 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
इससे पहले हरियाणा सरकार ने जून 2015 में 1200 कर्मचारियों को बिना नोटिस के सेवामुक्त कर दिया था। इसके बाद भी कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में सरकार के खिलाफ याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए थे कि सभी अनुबंध कर्मचारियों को रखा जाए क्योंकि तो सरकार के पास इन कर्मचारियों का विकल्प है और ही हटाए जाने का कारण।
अनुबंध कर्मचारियों के लिए लड़ रहे याचिकाकर्ता डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि बीते साल केंद्र सरकार ने 400 करोड़ रुपए के बजट को बढ़ाकर 18, 423 करोड़ रुपए कर एनएचएम की स्कीमों के लिए जारी किया था। प्रदेश सरकार ने आनन फानन में एक पीआईपी (प्रोग्राम इम्लीमेंटेशन प्लान) भारत सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। इसके तहत हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा बहाल किए गए कर्मचारियों की पोस्ट को भी रद्द करके केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेज दी है।
डॉ. विनय गुप्ता कहते हैं कि यह पीआईपी गाइड लाइन का उल्लंघन है। पीआईपी मनमर्जी द्वारा बनाया गया पुलिंदा है, जिसके आधार पर कर्मचारियों को हटाए जाना हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार 37 फीसदी स्वास्थ्य बजट बढ़ाने का दावा कर रही करती है और दूसरी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मुक्त करने की नीतियां बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एनएचएम के मामले में अलग-अलग बयान देकर कोर्ट को गुमराह कर रही है और कर्मचारियों को हटाने के तरह-तरह पैंतरे ढूंढ रही है।
{11 फरवरी का बयान- प्रदेश सरकार के पास एनएचएम स्कीमों को चलाने का बजट नहीं
{17 फरवरी को कहा- 31 मार्च तक स्कीमों के लिए पर्याप्त बजट
^केंद्र द्वारा एनएचएम की सभी स्कीमों के लिए 60 प्रतिशत बजट जारी कर दिया है। सभी राज्यों को और राज्य सरकार का 40 प्रतिशत बजट का हिस्सा है। राज्य सरकार ही सभी स्कीमों को चलाने के लिए मैनुअल पावर मशीनरी तथा दवाइयों की जिम्मेवारी राज्य सरकार की है और हर महीने राज्यों से रिपोर्ट को मंगवाई जाती है। -डीएनसाहू, अंडर सचिव, एनएचएम, नई दिल्ली।
^एनएचएम की सभी स्कीमें 2017 तक जारी रहेंगी। सरकार ने जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की हैं उनके स्थान पर पहले ही कर्मचारी लगे हुए हैं। -डॉ.एसएस बिश्नोई, एमडी, एनएचएम पंचकूला।
2017 तक चलेंगे प्रोग्राम : डॉ. विनय
डॉ.विनय ने इस संबंध में केंद्र प्रदेश सरकार से आरटीआई के तहत जानकारी मिली। जिसके तहत यह उजागर हुआ कि एनएचएम के सभी स्कीमें प्रोग्राम वर्ष 2017 तक चलेंगे। हरियाणा सरकार केन्द्र के बीच एनएचएम को चलाने का मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एमओयू) 2017 तक हस्ताक्षरित है। इतना ही नहीं केंद्र सरकार द्वारा एनएचएम को वर्ष 2016-17 के लिए बजट पिछले साल के मुकाबले 400 करोड़ रुपए बढ़ाकर 18, 423 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यह सभी राज्यों के लिए किया है। इसमें हरियाणा सरकार को 497 करोड़ रुपए की जगह 500 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
सरकार के हर बार बदले बयान

इससेपहले भी 2015 में सरकार द्वारा हटाए जाने के विरुद्ध पीटिशन दी थी। इस दौरान सरकार ने 11 फरवरी, 2016 को कोर्ट में यह बयान दिया था कि प्रदेश सरकार के पास एनएचएम स्कीमों को चलाने का बजट ही नहीं है, इसलिए कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। इसके बाद 17 फरवरी 2016 को अगली सुनाई पर सरकार की ओर से डायरेक्टर फाइनांस एसएस बिश्नोई ने कोर्ट में यह बयान दिया था कि एनएचएम क चलाने का 31 मार्च तक पर्याप्त बजट है। भारत सरकार के वकील ने कहा कि 31 मार्च का बजट का अपना हिस्सा वह हरियाणा को दे चुकी है। मगर प्रदेश सरकार ने कोर्ट में यह भी बयान दिया कि एनएचएम स्कीम 31 मार्च, 2016 के बाद बंद हो जाएगी। इसके आधार पर माननीय हाईकोर्ट ने डॉ. विनय गुप्ता की याचिका के साथ सभी 85 याचिकाओं का निपटारा करते हुए सभी याचिकाओं को नौकरी में बहाल कर दिया था।जून 2015 में भी सरकार ने हटाया था, हाईकोर्ट के दखल से दोबारा मिला था रोजगारwww.facebook.com/teacherharyana www.teacherharyana.blogspot.in Haryana news (Recruitment , vacancy , job , news)

No comments:

Post a Comment

thanks for your valuable comment

See Also

Education News Haryana topic wise detail.