हिसार: आज सार्वजनिक शिक्षा व शिक्षक वर्तमान सरकार के निशाने पर हैं। वर्तमान सरकार के आने के बाद एक भी शिक्षक भर्ती नहीं किया गया है। ऐसी हालत में सरकार शिक्षा में सुधार कैसे कर सकती है। यह बात सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के महासचिव चंद्र नवदीप भारती ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। आज सरकार द्वारा स्वीकृत पदों में से 50 हजार शिक्षक, 1400 लिपिक व 5 हजार चतुर्थ श्रेणी के पद रिक्त पड़े हैं। यदि सरकार शिक्षा में सुधार करना चाहती है तो 14 हजार अतिथि अध्यापकों को पक्का करे। वहीं 12 हजार नवचयनित अध्यापकों को कार्यभार ग्रहण करवाने के बाद रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 80 प्रतिशत स्कूलों के भवनों की हालत खस्ता हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापक संघ कक्षा एक से पांच के लिए 1:30, कक्षा छठी से आठवीं में 1:35 तथा कक्षा नौंवी से बारहवीं में 1:40 के अनुपात से वैज्ञानिकरण करने का समर्थन करता है। इसके साथ ही नर्सरी कक्षा को छात्र संख्या में शामिल कर उसका वैज्ञानिकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले खंड स्तर पर धरने देकर अध्यापकों ने अपनी मांग उठाई। आंदोलन के दूसरे चरण में जिला स्तरीय प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके तहत 24 फरवरी को जिला स्तर पर महाराजा अग्रसैन चौक से लेकर बस स्टैंड तक रोष प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं अध्यापक संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपप्रधान गजे सिंह भ्याण ने कहा कि अध्यापक संघ गवर्नमेंट कॉलेजों के अनुबंध प्राध्यापकों के आंदोलन का समर्थन करता है।
24 को अध्यापक करेंगे प्रदर्शन
हिसार: आज सार्वजनिक शिक्षा व शिक्षक वर्तमान सरकार के निशाने पर हैं। वर्तमान सरकार के आने के बाद एक भी शिक्षक भर्ती नहीं किया गया है। ऐसी हालत में सरकार शिक्षा में सुधार कैसे कर सकती है। यह बात सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के महासचिव चंद्र नवदीप भारती ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। आज सरकार द्वारा स्वीकृत पदों में से 50 हजार शिक्षक, 1400 लिपिक व 5 हजार चतुर्थ श्रेणी के पद रिक्त पड़े हैं। यदि सरकार शिक्षा में सुधार करना चाहती है तो 14 हजार अतिथि अध्यापकों को पक्का करे। वहीं 12 हजार नवचयनित अध्यापकों को कार्यभार ग्रहण करवाने के बाद रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 80 प्रतिशत स्कूलों के भवनों की हालत खस्ता हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापक संघ कक्षा एक से पांच के लिए 1:30, कक्षा छठी से आठवीं में 1:35 तथा कक्षा नौंवी से बारहवीं में 1:40 के अनुपात से वैज्ञानिकरण करने का समर्थन करता है। इसके साथ ही नर्सरी कक्षा को छात्र संख्या में शामिल कर उसका वैज्ञानिकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले खंड स्तर पर धरने देकर अध्यापकों ने अपनी मांग उठाई। आंदोलन के दूसरे चरण में जिला स्तरीय प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके तहत 24 फरवरी को जिला स्तर पर महाराजा अग्रसैन चौक से लेकर बस स्टैंड तक रोष प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं अध्यापक संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपप्रधान गजे सिंह भ्याण ने कहा कि अध्यापक संघ गवर्नमेंट कॉलेजों के अनुबंध प्राध्यापकों के आंदोलन का समर्थन करता है।
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