दो माह बाद भी शिक्षक अवार्ड की कोई घोषणा या जानकारी जारी नहीं कर रही सरकार
शिक्षकों ने सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों पर आपत्तियां उठाई थीं। इसके अंतर्गत 75 प्रतिशत नंबरों की अनिवार्यता हटाकर 50 प्रतिशत करने, पिछले शैक्षणिक सत्र से शुरू हुई इंस्पायर्ड अवार्ड जो सभी शिक्षकों पर लागू नहीं होता। इसके अलावा भी डायरी सिस्टम, स्कूल रिकार्ड आदि पर रखी गईं शर्तें सभी शिक्षकों पर लागू नहीं होती। ऐसे में अधिकांश शिक्षक आवेदन ही नहीं कर पाए। राजकीय अध्यापक संघ के जिला प्रधान महावीर सिंह का कहना है कि शिक्षा विभाग की अपनी ठोस नीति नहीं होने के कारण इस प्रकार की खामियां उजागर हो रही हैं। वास्तव में शिक्षकों को सम्मान देने की सरकार की मंशा ही नही है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के जिला प्रधान हरीश कुमार के अनुसार संगठन की ओर से बार बार निर्धारित किए गए शर्तों में सुधार करने की मांग करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। यही कारण रहा कि अधिकांश शिक्षक आवेदन करने से वंचित रहे।
ज्ञान प्रसाद त्न रेवाड़ी
प्रदेश भर के शिक्षक राज्यस्तरीय अवार्ड पाने का इंतजार करते करते थक गए हैं। करीब दो माह बीत जाने के बाद भी अभी तक इस साल का राज्य शिक्षक अवार्ड घोषित नहीं हो सका है। साल भर उत्कृष्ट सेवा करने वाले सरकारी शिक्षकों को राज्य शिक्षक अवार्ड से नवाजा जाता है।
इस बार पांच सितंबर को मिलने वाला राज्य शिक्षक अवार्ड यह कहकर एक नवंबर तक के लिए टाल दिया गया कि शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी और मुख्यमंत्री विदेश गए हैं। एक नवंबर को हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में सभी शिक्षकों को सम्मानित किया जाना था। हरियाणा दिवस का राज्यस्तरीय कार्यक्रम संपन्न होने के बावजूद शिक्षकों को कोई सम्मान नहीं मिला।
अब कब मिलना है इसका भी कोई खुलासा नहीं होने से अवार्ड की बाट जोह रहे शिक्षकों में मायूसी छाई हुई है। इस संबंध में न तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से कोई सूचना है और न ही आवेदन करने वाले शिक्षकों के पास जानकारी। पिछली बार भी दो साल बाद राज्य शिक्षक अवार्ड दिया गया था। वर्ष 2008 के बाद 2010 में दिया गया था।
आवेदन भी आए कम
जिले में राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए आवेदन भी काफी कम आए। इनमें केवल चार आवेदन आए थे जिनमें से केवल एक केस ही शर्तों को पूरा कर सका है।
कोई जानकारी नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त जिम्मा संभाल रही गुडग़ांव की जिला शिक्षा अधिकारी डा. मनोज कौशिक का कहना है कि अभी तक न तो विभाग की ओर से न ही सरकार की ओर से इस संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं। विभाग की ओर से निर्धारित किए गए शर्तों के आधार पर अधिकांश शिक्षक आवेदन नहीं कर पाए। इस संबंध में जो आपत्तियां आईं उसकी जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी हैं।
जिन शिक्षकों ने आवेदन किया उनका तो परिणाम घोषित कर दिया जाना चाहिए। उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा।
आवेदन की निर्धारित शर्तों पर भी हुआ था विवाद
रमेश पाल. करनाल त्न दिनोंदिन अध्ययन और अध्यापन कार्य में बदलाव आ रहे हैं। ऐसे में अध्यापकों का अपडेट रहना आवश्यक है। इसी आवश्यकता के तहत प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को सेवाकालीन प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। जेबीटी का यह 11 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आठ नवंबर से शुरू होगा। विद्यार्थियों को समयानुकूल और तर्कसंगत शिक्षा देने के सरका नए प्रोग्राम लागू करती है। इसी शृंखला में अब सेवाकालीन प्रशिक्षण शिविर लगाने का निर्णय लिया है। सर्वशिक्षा अभियान के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ओर से प्रदेश के सभी डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स को सेवा कालीन प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। करनाल में यह प्रशिक्षण शिविर 8 नवंबर से बीआरसी कार्यालयों में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जेबीटी को मौजूदा स्थितियों के अनुकूल टीचर्स को अपडेट किया जाएगा। अध्यापकों शिक्षा क्षेत्र की नवीनतम खोज व प्रयोगों से अवगत कराया जाएगा।
कोई जानकारी नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त जिम्मा संभाल रही गुडग़ांव की जिला शिक्षा अधिकारी डा. मनोज कौशिक का कहना है कि अभी तक न तो विभाग की ओर से न ही सरकार की ओर से इस संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं। विभाग की ओर से निर्धारित किए गए शर्तों के आधार पर अधिकांश शिक्षक आवेदन नहीं कर पाए। इस संबंध में जो आपत्तियां आईं उसकी जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी हैं। जिन शिक्षकों ने आवेदन किया उनका तो परिणाम घोषित कर दिया जाना चाहिए। उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा।
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