Primary teacher jbt HT transfer list



MIS transfer list of jbt teacher of Head Teacher Haryana will be published shortly. Directorate of education department may issue the PRT teacher transfer list today.
Transfer list will also be uploaded on teachers MIS portal website. Teachers have to enter the MIS log in ID and password and download the transfer list. Link given below.

merit list of HT jbt


प्रदेश में 20,831 जेबीटी के तबादले,  राज्य में पहली बार हुए इतनी बड़ी संख्या में प्राथमिक शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले
चंडीगढ़ : प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक साथ 20,831 प्राथमिक शिक्षकों (जेबीटी) के ऑनलाइन तबादला आदेश शुक्रवार को जारी हो गए। करीब 9 हजार लेक्चरार (पीजीटी) के तबादलों के बाद प्रदेश में यह दूसरी बड़ी तबादला प्रक्रिया है। राज्य के इतिहास में आज तक इतने बड़े पैमाने पर किसी भी विभाग में तबादले नहीं हुए हैं। शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने शिक्षकों के ऑनलाइन तबादलों की नीति तैयार की थी, जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंजूरी प्रदान की थी। इतनी बड़ी तादाद में शिक्षकों के तबादलों से न केवल विभागीय भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है, बल्कि शिक्षकों को अपने तबादलों के लिए मंत्रियों, अफसरों और विधायकों के चक्कर काटने से निजात मिल गई है। तबादला चाहने वाले सभी प्राथमिक शिक्षकों को उनकी मनपसंद जगहों पर पोस्टिंग दी गई है।
प्रदेश में 24,130 जेबीटी और 2409 हेड टीचर्स हैं। इनमें से 22,909 शिक्षक तबादलों की पात्रता की श्रेणी में शामिल हुए। इनमें पांच साल से एक ही स्थान पर जमे शिक्षकों के अलावा हजारों शिक्षक ऐसे भी हैं, जिन्होंने स्वेच्छा से तबादला चाहते हुए वेबपोर्टल पर येस का ऑप्शन भरा था। इनमें से 20,831 जेबीटी के तुरंत तबादला हो गए।
पीके दास ने बटन दबाकर किए तबादले :
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने मौलिक शिक्षा महानिदेशक आरएस खर्ब, डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह दहिया और मीनाक्षी गोयल सहित राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के प्रधान विनोद ठाकरान और महासचिव दीपक गोस्वामी की मौजूदगी में बटन दबाकर एक साथ 20,831 जेबीटी के तबादला आदेश जारी किए।
2078 जेबीटी रह गए तबादलों से वंचित
करीब एक हजार जेबीटी शिक्षक ऐसे हैं, जिनका एमआइएस अप्रूवल नहीं हुआ था। वे तबादलों से वंचित रह गए हैं। 1078 जेबीटी शिक्षक ऐसे हैं, जो तकनीकी और अन्य कारणों की वजह से तबादलों के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे। उन्हें तबादला प्रक्रिया में शामिल होने के लिए एक मौका और मिल सकता है।
1972 में सजा थी आज राहत मिली :
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के महासचिव दीपक गोस्वामी के अनुसार 1972 के बाद यह पहला मौका है, जब शिक्षकों ने तबादला प्रक्रिया के दौरान राहत महसूस की है। उन्होंने बताया कि चौ. बंसीलाल की सरकार में 1972 में ताबड़तोड़ और बहुत अधिक दूरी पर तबादले हुए थे। तब सजा थी, लेकिन आज राहत मिली है।
मेवात के शिक्षकों को भी मिला लाभ
जेबीटी शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया में मेवात में कार्यरत शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के प्रधान विनोद ठाकरान और महासचिव दीपक गोस्वामी के प्रयासों से मेवात के करीब 500 शिक्षकों को तबादला प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिल पाया है। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने जिन हेड टीचर्स ने पोस्टिंग के लिए खुद को डिमोट करा लिया था, उन्हें अगले चरण में तबादला प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
स्कूल स्तर पर तबादलों के विकल्प का लाभ मिला
राज्य सरकार ने लेक्चरार (पीजीटी) की तबादला प्रक्रिया के दौरान जोन को प्राथमिकता दी थी। यानि एक जोन में यदि पांच स्कूल आते थे तो उनमें ही तबादले हो सकते थे, लेकिन प्राथमिक (जेबीटी) शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया में स्कूलों को प्राथमिकता दी गई है। यदि किसी शिक्षक ने तबादले के लिए 20 स्कूलों के विकल्प दिए हैं तो उन्हीं में से किसी एक में तबादला हुआ।
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तबादला पोर्टल बंद होने के कारण देर रात तक उलझे रहे गुरुजी
कुरुक्षेत्र : एक बटन से प्रदेश भर के जेबीटी के तबादले के आदेश भी जारी हो गए। शाम को शिक्षकों के अकाउंट में बदलियां भी हो जाएंगी, लेकिन इनमें काफी गफलत है। विभाग की ओर से पोर्टल शुरू करने के बाद से यह सही ढंग से कार्य नहीं कर पाया। यूनियनों के दबाव में हालांकि विभाग ने दो दिन और दिए थे, लेकिन कोई फायदा नहीं हो पाया। बृहस्पतिवार रात को साढ़े 11 बजे पोर्टल चल पाया। जिसके कारण सैकड़ों शिक्षको ने देर रात में ही अपने चुने हुए केंद्र भरे।
प्रदेश शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को प्रदेश में जेबीटी शिक्षकों के तबादले भी पहले की तरह कंप्यूटर से करने का निर्णय लिया है। विभाग की ओर से इसके लिए सभी जेबीटी शिक्षकों को 11 से 13 सितंबर तक अपने केंद्रों का चुनाव कर भरने का समय दिया था, लेकिन जेबीटी की संख्या अधिक होने और सर्वर के धीमा चलने के कारण शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शिक्षक संघों ने इस पर विरोध जताया था, जिसको देखते हुए विभाग ने दो दिन का अतिरिक्त समय दिया था। विभाग ने इसके साथ ही इसमें मेवात को भी जोड़ दिया। ऐसे में 14 सितंबर को तो पोर्टल चला, लेकिन जो शिक्षक 15 को करने के लिए रुक गए वो उलझ गए। 15 सितंबर को दिन में पूरा दिन पोर्टल धीमा रहा और फिर मरम्मत की बात कहता रहा। ऐसे में शिक्षक अपने केंद्र ही नहीं भर पाए। पोर्टल रात को 11 बजे ही चल पाया। जिसके कारण कई शिक्षकों ने रात को कैफे हाउस पर बैठे रहे।
दोबारा समय देना चाहिए
हरियाणा अध्यापक संघ के जिला महासचिव पवन मित्तल ने कहा कि शिक्षकों की संख्या अधिक है। ज्यादा समय पहले ही दिया जाना चाहिए था। इसके अलावा दूसरी बार समय दिया तो उसमें मेवात को भी साथ जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को विभागीय गलती के कारण पोर्टल खराब रहा। इसमें शिक्षकों का क्या दोष है।

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