करनाल . करनाल की जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) सरिता भंडारी ने जिले के 700 सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों ड्रॉप बॉक्स लगवाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह ड्रॉप बॉक्स स्कूल मुखियाओं द्वारा एसएमसी, ग्राम सरपंच व पार्षद जैसे व्यक्तियों की मौजूदगी में सप्ताह में एक बार खोला जाएगा। बॉक्स में मिलने वाली शिकायतों पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अब छात्राओं पर अश्लील फिकरे कसना व छेड़छाड़ की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएगा। अब कोई भी छात्रा स्कूल प्रबंधन को अपनी शिकायत बेझिझक दे सकेगी। इसके लिए जिले के प्रत्येक सरकारी, गैर सरकारी स्कूल में शिकायत पेटी अर्थात ड्रॉप बॉक्स लगवाए जाएंगे।
लड़कियों को जूडो-कराटे की ट्रेनिंग
गवर्नमेंट महिला कालेज के प्रिंसिपल डॉ. महाबीर नैन ने कहा कि वे लड़कियों से छेड़छाड़ संबंधित शिकायतों के लिए स्पेशल ड्रॉप बॉक्स लगवाएंगे। लड़कियों का मोरल बूस्टिंग करने के साथ-साथ उन्हें जूडो-कराटे की स्पेशल ट्रेनिंग भी दिलाई जाएगी।
लड़कियों को प्रेरित किया जाएगा कि वे अपनी किसी भी दिक्कत को छिपाने की बजाए ड्रॉप बॉक्स में शिकायत डालें । इधर, गवर्नमेंट कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राधेश्याम शर्मा ने कहा कि इसके लिए वे अपने कॉलेज में अब स्पेशल सैल का गठन करेंगे। कॉलेज में ओरियंटेशन प्रोग्राम आयोजित करके छात्राओं को किसी भी तरह की परेशानी होने पर सैल को अपनी शिकायत देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बलात्कारी मनोवृत्ति के पुतले दहन किए
सोनीपत . देश में हो रही बलात्कार की घटनाओं के विरोध में का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके मद्देनजर इस कड़ाके की ठंड में भी लोग व्यवस्था विरोधी नारे लगाते हुए सड़कों पर मार्च कर रहे हैं।
मंगलवार को भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा और नौजवान भारत सभा द्वारा शहर में विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमें सुभाष चौक पर बलात्कारी मनोवृत्ति के पुतले दहन किए गए। सभा को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचारी विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष विमल किशोर ने कहा कि बलात्कारियों को फांसी देना समस्या का हल नहीं है। जरूरत है, इस गहन अध्ययन करने की। उन्होंने कहा कि समाज और व्यवस्था पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है।
जो बलात्कारियों को पैदा कर रही है। ऐसी व्यवस्था को फांसी देने की जरूरत है। जो जर्जर समाज को बदल सके। समाज में विरोध करने की प्रवृत्ति पैदा होनी चाहिए, लेकिन यह फैशन बनकर न रह जाए, इसके लिए जनता की चेतना का जनक्रांति से जोड़ना आवश्यक है।
बिना जनक्रांति के इस समस्या से निजात संभव नहीं है। नौजवान सभा के संयोजन पंकज त्यागी ने कहा कि महिला विरोधी राजनीतिक तंत्र ऐसी बलात्कारी मनोवृत्ति को पैदा करता है। प्रदर्शनकारियों ने सुभाष चौक से मार्च शुरु कर कच्चे क्वार्टर, गीता भवन चौक, रेलवे रोड होते हुए सुभाष चौक पर पहुंचे। जहां उन्होंने पुतला दहन किया। इस दौरान रवि कपूर, प्रेम रेलन, मास्टर भीमसेन आर्य, मनोज बत्रा, विजय सेतिया, वेद प्रकाश, श्रवण कृष्ण टुटेजा, संध्या, पूजा, अनीता व सुनीता मौजूद रही।
गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है ..
दिल्ली में हुए गैंगरेप के विरोध में युवाओं का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। सोमवार को गुड़गांव में लड़कियों ने फिर से मार्च निकाला और दोषियों के लिए फांसी की मांग की। साथ ही कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए कि लड़कियां प्रदेश में सेफ नहीं हैं।