सरकारी स्कूलोँ मेँ अकसर देखा जाता है कि यहाँ पढ़ने वाली छात्राएं पुरुष अध्यापकों को अपनी समस्याएं बताने में हिचकिचाहट महसूस करती हैं। दिक्कत तब और ज्यादा बढ़ जाती है जब स्कूल में महिला टीचर तैनात न हो। अगर कोई छेड़छाड़ करता है जो वे बता नहीं पातीं। शिक्षा विभाग ने लड़कियों से होने वाली छेड़छाड़ और अन्य समस्याओं का निदान करने के लिहाज से प्रत्येक स्कूल में महिला टीचर को नियुक्त करने का फैसला लिया है जो हफ्ते में एक बार छात्राओं से उनकी समस्याओं को सुनेंगी और उनका समाधान करेंगी।
स्कूल में महिला टीचर की नियुक्ति के अलावा शिक्षा विभाग ने छात्राओं की समस्या का समाधान करने के लिहाज से कमेटी गठन करने का निर्णय लिया है। इसमें संबंधित स्कूल का मुखिया, एक महिला अध्यापक, बीईओ, डीपीईओ और दो टीचर्स को शामिल किया गया है जो छात्राओं की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर ने बताया कि स्कूल स्तर पर गठित कमेटी की जांच के लिए समय-समय पर स्कूलों की जांचकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। अगर कहीं पर कमेटी गठित नहीं मिली तो संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल/ हेडमास्टर के खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
news by Vijay Yadav
No comments:
Post a Comment
thanks for your valuable comment