गेस्ट टीचरों का बढ़ सकता है मानदेय

फाइल मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पास पहुंची
• अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में गेस्ट टीचरों का वेतन बढ़ सकता है। उन्हें आईडी नंबर, सर्विस बुक और एडजस्ट न होने की सूरत में वेतन देने का तोहफा भी मिलना तय है।
गेस्ट टीचर एसोसिएशन के प्रधान अरुण मलिक, महासचिव राजेंद्र शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने कई बार मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री ने मौखिक तौर पर उनकी कई मांगें मान भी ली, लेकिन उन्हें अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। एसोसिएशन के पदाधिकारी पिछले दिनों फिर मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल ओएसडी एमएस चोपड़ा, शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के साथ बैठक की। बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति बनी।
महासचिव राजेंद्र शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि स्कूली शिक्षा विभाग की प्रधान महासचिव सुरीना राजन से भी पदाधिकारियों की बात हो चुकी है। राजन ने तीन बिंदुओं पर हां कर दी है और उनके बारे में जल्द ही पत्र जारी होना वाला है, जबकि वेतन बढ़ोतरी का मामला मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए भेजने की बात कही थी। शर्मा ने बताया कि जिन पर सहमति बनी है, उनमें सभी गेस्ट टीचरों को आइडेंटिफिकेशन (आईडी) नंबर दिया जाएगा जैसा रेगुलर टीचरों को दिया हुआ है। सभी गेस्ट टीचरों की सर्विस बुक बनेगी। एक मुख्य मांग जो मानी गई है, वह है किसी रेगुलर टीचर की प्रमोशन या किसी रेगुलर टीचर के ट्रांसफर होकर आने के बाद अगर कोई गेस्ट टीचर हटता है तो उसे 15 दिन के भीतर दूसरे स्कूल में एडजस्ट किया जाएगा। अगर एडजस्टमेंट नहीं होती तो उसे तब तक वेतन मिलेगा, जब तक उसे एडजस्ट नहीं किया जाता।
शर्मा ने कहा कि एसोसिएशन की मांग है कि रेगुलर टीचरों के समान बेसिक पे और डीए गेस्ट टीचरों को दिया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने हां कर रखी है और उन्हें उम्मीद है कि यह भी जल्द मिलेगा।
मुख्यमंत्री के पास गेस्ट टीचरों ने वेतनमान बढ़ाने की मांग की थी। विभाग की तरफ से फाइल आई है। वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह मुख्यमंत्री तय करेंगे। वेतन में बढ़ोतरी अवश्य होगी।
एमएस चोपड़ा,
मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल ओएसडी

पंजाब बोर्ड दसवीं का रिजल्ट आज

पीएसईबी(PSEB) की दसवीं कक्षा का रिजल्ट मंगलवार को घोषित किया जाएगा। इस दौरान बोर्ड द्वारा केवल मेरिट लिस्ट ही घोषित की जाएगी। विद्यार्थी अपना रिजल्ट बुधवार सुबह सात बजे से बोर्ड की वेबसाइट के अलावा
www.amarujala.com
पर भी देख सकते हैं। इसके अलावा अमर उजाला के टेलीफोन नंबरों 5052828 और 1255528 पर प्री रजिस्ट्रेशन करवा करके भी विद्यार्थी अपना रिजल्ट बुधवार सुबह जान सकेंगे। बोर्ड की वेबसाइट पर भी रिजल्ट बुधवार सुबह सात बजे से उपलब्ध होगा।
पंजाब बोर्ड ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ई-मेल और एसएमएस से रिजल्ट देने के लिए रजिस्टे्रशन की सुविधा शुरू कर दी है। इसके लिए विद्यार्थियों को बोर्ड की वेबसाइट के होम पेज पर बने स्टूडेंट पोर्टल पर क्लिक करना होगा।
यहां रजिस्टे्रशन वाला फार्म होगा, इसमें दी गई सारी डिटेल भरनी होगी। अमर उजाला की वेबसाइट
www.amarujala.com
पर रिजल्ट देखने के अलावा स्टूडेंट मार्कशीट की कॉपी ले सकेंगे।
और रिजल्ट उाउनलोड भी कर सकेंगे।

जालंधर-छुट्टियां खत्म होते ही होंगी परीक्षा

गर्मियों की छुट्टियां खत्म होते ही विद्यार्थियों को स्कूलों में परीक्षा के दौर से गुजरना होगा। शिक्षा विभाग ने सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों में छुट्टियां खत्म होने के साथ ही परीक्षा लेने का फैसला लिया है। विभाग ने यह कदम विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखने व छुट्टियों में पढ़ाई के साथ जोड़े रखने के लिए उठाया है।

डायरेक्टोरेट जनरल स्कूल एजुकेशन (डीजीएसई) बी पुरुषार्थ ने छुट्टियां शुरू होने से ठीक एक दिन पहले ही जुलाई माह में होने वाली परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी थी। विभाग की तरफ से गर्मियों में 39 दिनों और सर्दियों में सात दिन की छुट्टियां की जाएगी। सरकारी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां 23 मई से शुरू हो चुकी हैं, जो 30 जून तक रहेंगी। इसके साथ ही 4 जुलाई से स्कूलों में नौवीं व दसवीं के विद्यार्थियों की मासिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी, जो 11 जुलाई तक चलेंगी।

होमवर्क कम दिया है
गवर्नमेंट गल्र्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल कमलजोत ने बताया कि अधिकारियों की तरफ से परीक्षा की डेटशीट जारी करने के साथ ही विद्यार्थियों पर होमवर्क का भार न डालने के निर्देश दिए गए थे। इसलिए विद्यार्थियों को पहले ही डेटशीट नोट करवा दी गई थी और उन्हें नाममात्र ही होमवर्क दिया गया है।

सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लड़के) की प्रिंसिपल सुनीता ने बताया कि विभाग ने विद्यार्थियों को छुट्टियों में पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए पहले ही डेटशीट जारी कर दी गई थी। इससे सभी छुट्टियों में समय रहते घूम फिर कर व अपनी कमियों को दूर कर परीक्षा की तैयारी कर सकें।

ताकि पढ़ाई से दूर न रहें
डीजीएसई का कहना है कि इस तरह से विद्यार्थी छुट्टियों में भी पढ़ाई से दूर नहीं रह पाएंगे। डीजीएसई ने प्रिंसिपलों को भी विद्यार्थियों पर होमवर्क का भार न डालने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा उन्होंने स्कूल प्रबंधकों को 26 जुलाई तक परीक्षा के नतीजे तैयार करने और 30 जुलाई को पेरेंट्स मीट करवाने के निर्देश भी दिए हैं।

विज्ञान और गणित में फेल भी बनेंगे इंजीनियर

आप का बच्चे अगर मैट्रिक में साइंस और गणित विषय में फेल हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। वह पॉलीटेक्निक में दाखिला लेकर इंजीनियर तो बन ही जाएंगे। मेरिट में भी नहीं आए हैं तो भी चलेगा। फस्र्ट डिवीजन नहीं है तो भी कोई बात नहीं। महज 35 फीसदी अंक लेकर भी अब इंजीनियरिंग हो सकती है। सरकार ने अब डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग में दाखिले के मापदंड बदल दिए हैं।

नए नियम 16 जून से शुरू होने जा रही काउंसलिंग पर पहली बार लागू होंगे। डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग में दाखिला लेना अब टेढ़ी खीर नहीं रहा है। प्रवेश परीक्षा में भी बैठने की जरूरत नहीं है, बस पैसा हाथ में हो तो मनपसंद ट्रेड में दाखिला मिल ही जाएगा।

यह हैं नए नियम

हरियाणा स्टेट काउंसलिंग सोसायटी के माध्यम से अब तक उन विद्यार्थियों को डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग में दाखिला दिया जाता था, जो मैट्रिक में साइंस और गणित विषय उत्तीर्ण करके आए हैं। अब यह नियम बदल दिए गए हैं। इस बार से साइंस और गणित में फेल विद्यार्थियों को भी दाखिला मिलेगा। बशर्ते कि उन्होंने मैट्रिक में कुल 35 फीसदी अंक हासिल किए हों और बोर्ड ने उन्हें पास घोषित किया हो।

सरकार ने इस बार से एक और नियम बदला है। अब तक पॉलीटेक्निक कालेजों में काउंसलिंग और मैनेजमेंट कोटे से एडमिशन लेने वाले सभी एससी विद्यार्थियों की फीस रिफंड होती थी, लेकिन इस बार से इसे घटाकर 40 फीसदी कर दिया गया है। हालांकि 40 फीसदी में तकरीबन सभी एससी विद्यार्थी कवर हो जाते हैं, लेकिन कोटा तो कम हो ही गया है।

51 हजार विद्यार्थियों के होंगे दाखिले

गुरुवार से प्रदेश में 163 से ज्यादा पॉलीटेक्निक कालेजों में डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग में दाखिले होने जा रहे हैं। 51 हजार 55 सीटों पर विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा। कुल 46 विषयों में दाखिले होंगे, जिनमें कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल, प्लास्टिक इंजीनियरिंग, आईटी, सिरेमिक, आटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल ट्रेड शामिल हैं।

प्रवेश परीक्षा में बैठना जरूरी नहीं

सरकार ने प्रत्येक पॉलीटेक्निक कालेज में 25 फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटे की आरक्षित की हैं। हर ट्रेड में यह सीटें रखी गई हैं, जिन्हें सबसे बाद में भरा जाता है। इन सीटों पर दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा में बैठना अनिवार्य नहीं है। मैनेजमेंट कोटे की फीस भरकर इनमें दाखिला मिल जाता है।

पॉलीटेक्निक की काउंसलिंग

पहली काउंसलिंग 16 से 21 जून रिजल्ट 22 जून
दूसरी काउंसलिंग 1 जुलाई रिजल्ट 2 जुलाई
तीसरी काउंसलिंग 6 से 8 जुलाई रिजल्ट 11 जुलाई

सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिए गए हैं। साइंस और गणित विषय में उत्तीर्ण होने की शर्त हटा दी गई है। मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा में अपीयर होना अनिवार्य नहीं है। कालेजों में इस कोटे की 25 फीसदी सीट आरक्षित हैं।""

प्रदेश के कालेजों में फिजिकल एजुकेशन बंद

प्रदेश के कालेजों में फिजिकल एजुकेशन विषय को बंद कर दिया गया है। प्रदेश सरकार की ओर लिए गए इस फैसले पर जहां खेल गलियारे में भारी निराशा है तो वहीं राजकीय कालेजों के प्रिंसिपलों ने खुद से विषय बंद करने की वकालत की है। हाल ही में राजकीय कालेजों के प्रिंसिपल की बैठक में फिजिकल एजुकेशन विषय को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक में राजकीय कालेजों के प्रतिनिधियों के साथ साथ फिजिकल एजुकेशन के प्रतिनिधियों ने भी विषय बंद अथवा जारी रखने पर अपनी अपनी बात रखी। जिसमें आखिर में बात विषय को बंद करने पर खत्म हुई। राजकीय कालेजों ने एक प्रस्ताव बनाकर सरकार एवं प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के पास भेज दिया। जिसे सरकार द्वारा मंजूरी मिल गई है।

राजकीय महिला महाविद्यालय, मुरथल के प्राचार्य डा. जेके अग्रवाल कहते हैं कि यह विषय रोजगार प्रेरक की भूमिका से हट रहा था। सरकार की कोशिश कॉमर्स एवं साइंस जैसे विषय को आगे लाने की है। तभी इस विषय को बंद किया है।

बंद करने के पीछे दिया गया तर्क

फिजिकल एजुकेशन के डीपीई पढ़ाई कराने के बजाए माहौल खराब करते हैं। विद्यार्थी भी कम पढ़ाई किए बिना ही अधिक नंबर लेने में कामयाब हो जाते हैं। यह एक आप्शनल सब्जेक्ट है, जिसका असर अन्य विषयों खासकर साइंस एवं कामर्स पर पड़ रहा है। इसके साथ ही राजकीय कालेजों के प्रतिनिधियों का यह भी मानना था कि यह सब्जेक्ट रोजगार प्रेरक की भूमिका में अन्य विषयों की तुलना में उतना सफल नहीं था।

डीपीई का यह होगा अब

डीपीई पहले जहां सिर्फ एक क्लास को खेल कराते थे, अब उनकी पूरे कालेज को खेल कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। वे सुबह एवं शाम कालेज में खेल गतिविधियों को संचालित करेंगे। यही नहीं वे कालेजों में टीमें तैयार भी कराएंगे।

अनिवार्य की जाए फिजिकल एजुकेशन

यह मौजूदा समय की सबसे बड़ी जरूरत है। सरकार को चाहिए कि स्कूल एवं कालेज में फिजिकल एजुकेशन को अनिवार्य विषय के रूप में लागू करें। खेल प्रोत्साहन की दिशा में यह विषय जारी रखा जाना आवश्यक है।

डा. दिलेल सिंह, निदेशक,खेल विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र।

बेहद निराशाजनक फैसला है यह

यह निराशाजनक है कि सरकार फिजिकल एजुकेशन विषय को कालेजों में बंद कर रही है। इसका विरोध किया जाना चाहिए। क्योंकि एक ओर जहां सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है तो वहीं ऐसे विषय को बंद रखना सही नहीं है।

डा. भगत सिंह, एचओडी, फिजिकल एजुकेशन,एमडीयू।

एक लाख शिक्षकों ने दी महापड़ाव की चेतावनी

हेडमास्टर भर्ती परीक्षा में प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षकों को शामिल करने के विरोध में उतरे माध्यमिक शिक्षा के शिक्षक
जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से की जा रही हेडमास्टर भर्ती परीक्षा (माध्यमिक) को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। अब माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों ने इस परीक्षा में प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षकों को शामिल करने का विरोध शुरू कर दिया है। इस संबंध में सोमवार सुबह प्रधानाध्यापक(माध्यमिक शिक्षा) संघर्ष समिति ने जनसुनवाई में मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया। उधर प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षक इस भर्ती में शामिल होने की मांग को लेकर पहले से ही आंदोलित है।
समिति के संयोजक सत्येंद्र आचार्य व प्रवक्ता विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि थर्ड ग्रेड शिक्षकों के कारण अनायास ही हेडमास्टर भर्ती परीक्षा को स्थगित कर दिया गया, जबकि वे इसके लिए पात्र ही नहीं है। वे शिक्षक प्रारंभिक शिक्षा में हेडमास्टर बनने के यो?य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिवस में परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई और प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षकों को इस परीक्षा में शामिल किया गया तो संघर्ष समिति राज्य के सभी सेकंड ग्रेड शिक्षकों के साथ जयपुर में महापड़ाव डाला जाएगा। इनकी संख्या करीब एक लाख है। आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगा।



YOU THINK YOU CAN TEACH?

The UTKARSH society needs quality teaching material for
the EDUSAT programme. We require quality video lectures (filled
with animation/usage of teaching aids) reflecting creative
teaching techniques and clear vocal delivery.
We invite all citizens who think they can teach to submit
video entries for any lesson/chapter of any subject for the classes
1st to 12th based on Haryana School Syllabus.
The persons who send their entries should have command
over their subject, be ICT friendly (able to use animation/
graphs/ videos /teaching aids to explain hard-spots in the
chapter) and be able to keep the interest of the child alive
throughout the lesson. The speaker should also ensure that
besides teaching the lesson he is also able to evaluate and show
(through questions/suggestions etc) whether the children have
understood the topics or not.
ELIGIBILITY:
Any citizen (including international) can submit their video
product.
Only one video product per citizen should be submitted.
Lesson taught should be as per Haryana syllabus. Syllabus
can be downloaded from www.schooleducationharyana.gov.in
Our school textbooks are also available in digital (pdf) format on
the above website.
Lesson should be recorded before a live class of children
Video should also bring out the fact that children have
understood what was taught
Duration of video lesson should be only 40 minutes (since
we have 40 minute periods in our school curriculum).
SUBMISSION OF VIDEO LECTURE:
You may create your account on www.youtube.com and
upload your video (naming the subject, class and chapter) and
send us the web-link for accessing your video product.
SELECTION PROCESS:
The videos shall be viewed by a committee of experts on
each subject; selected/shortlisted videos shall then be shown to a
select audience and an age appropriate classroom of children; the
highest rated video shall then be put on Edusat for telecast
across the state.
HONORARIUM AND AWARD:
The video lessons which are finally selected shall be telecast
on EDUSAT.
A cash award of Rs. 5000/- per video lesson/product shall
be given from UTKARSH society.

शिक्षा मंत्री का हाल बेहाल, बेटा-बेटी भी हो गए फेल


रांची। राज्य के शिक्षा मंत्री वैद्यनाथ राम के बेटा-बेटी इंटरमीडिएट में फेल हो गए हैं। बेटा प्रभात कुमार व बेटी पूनम कुमारी ने राजधानी के डोरंडा कॉलेज से कॉमर्स संकाय की परीक्षा दी थी। प्रभात को पूर्णांक 500 में से मात्र 139 अंक मिले। उसे दो विषयों में पासिंग माक्र्स भी नहीं मिले। प्रभात को विषयवार अंग्रेजी में 23, एसीटी में 45, बीएमटी में 05,बीएसटी में 33 और इकोनॉमिक्स में 33 अंक मिले हैं। हालांकि प्रैक्टिकल में उसे 20 में से 19 अंक प्राप्त हुए हैं। प्रैक्टिकल परीक्षा कॉलेज में ही ली जाती है।

वहीं पूनम को मात्र 134 अंक ही मिल पाए हैं। विषयवार उसे अंग्रेजी में 17, एसीटी में 48, बीएसटी में 36, बीएमटी में 23 और इकोनॉमिक्स में 10 अंक मिले हैं। कॉलेज में हुए प्रैक्टिकल में पूनम को 20 में से 20 अंक मिले। हालांकि उसे तीन विषयों में पास होने के लिए न्यूनतम अंक भी नहीं मिल पाए। इसलिए उसे असफल करार दिया गया।

Biometric scanners soon to ensure teachers’ presence

Biometric scanners soon to ensure teachers’ presence
To be installed in 2,622 government schools


In order to check the increasing absenteeism among teachers of government schools, especially in rural areas, the state has decided to install biometric fingerprint scanners in 2,622 government schools in the state.

Sources in the department said the authorities had come across a number of cases, in which regular teachers had appointed others to teach their classes and they would remain absent from schools. In some cases, teachers lock schools and remain absent for days together, while some others simply go to the school to mark themselves present and then disappear.

As frequent raids conducted by the authorities concerned have failed to make these teachers fall in line, the department has decided to use technology to ensure their presence in schools.

The decision was taken at a meeting of district education officers with Director of school education Vijender Kumar in Panchkula recently.

The work to install the biometrics has already started and is likely to be completed by August.

Sources said the technology would digitise information about teachers such as at what time did they enter and leave the school. The system would require the fingerprints of the teacher to mark him/her present. The system would also ensure punctuality, as it would also record the time.

The biometric scanners are being installed under the centrally sponsored scheme for information and communication technology in schools.

These scanners have successfully been used in school across the USA and European countries, where they are used by students to borrow library books, cashless canteen systems, vending machines and class attendance.

कहीं आप भी तो नहीं हो रहे हैक

कहीं आप भी तो नहीं हो रहे हैक
हर रोज हो रहे हैं दस हजार ई-मेल हक
नई दिल्ली। कहीं आप तो नहीं हो रहे हैं हैक्ड। यदि आपको यह संदेश मिला है तो तुरंत सावधान हो जाइए! क्योंकि भारत में हर रोज लगभग दस हजार नेट यूजर्स हैकिंग का शिकार हो रहे हैं। भारत में इतनी बड़ी तादाद की सबसे बड़ी वजह यह है कि देश में नेट यूजर्स की संख्या भले ही तेजी से बढ़ रही हो, लेकिन लोगों को इंटरनेट सुरक्षा के बारे में बुनियादी जानकारी नहीं है। नेट यूजर्स को यह तक पता नहीं है कि अगर उनका ई-मेल अकाउंट हैक्ड हो जाए तो उनको सबसे पहले क्या करना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नेट यूजर्स बुनियादी जानकारी के अभाव के चलते हैकिंग के शिकार हो रहे हैं। साइमन टेक का कहना है कि हैकर लोगों का ई-मेल हैक्ड करके निजी और वित्तीय जानकारियां जुटाकर उन्हें चपत लगा रहे हैं। एजेंसियों का कहना है कि अगर आप ई-मेल अकाउंट खोल नहीं पा रहे है तो समझ लीजिए आपका अकाउंट हैक्ड हो गया है। ऐसे में आपको सबसे पहले अपना ई-मेल पासवर्ड बदलना चाहिए।
आईटी विशेषज्ञ सुधीर कुमार कहते है कि भारत में कई ऐसे नेट यूजर्स हैं, जिनको अपना पासवर्ड बदलने भी नहीं आता। उन्होंने कहा कि ई-मेल हैकिंग के जरिए ग्राहकों को लूटा जा रहा है, लेकिन अज्ञानता की वजह से इन मामलों में केस दर्ज नहीं कराए जाते हैं। नेट यूजर्स को यह भी नहीं पता कि भारतीय सूचना तकनीक कानून की धारा 66 के तहत अगर कोई व्यक्ति आपका ई-मेल अकाउंट या सोशल नेटवर्किंग साइट में प्रोफाइल हैक्ड करता है तो आप पुलिस थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं। विशेषज्ञ कहते है कि अगर कोई व्यक्ति थाने जाता है तो भी कुछ खास असर नहीं होता, क्योंकि ज्यादातर हैकिंग देश से बाहर होती हैं और पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के तालमेल की कमी के चलते इनको पकड़ना बहुत मुश्किल है। वहीं, देश की न्यायिक व्यवस्था भी इस तरह के मामलों से निपटने को अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। इसके लिए विस्तृत ट्रेनिंग की जरूरत है। विशेषज्ञ कहते हैं कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां साइबर अपराध के मामले में अभी तक कोई अदालती निर्णय नहीं आया है।

अब हर 10 तारीख को खाते में जमा होगी पेंशन

चंडीगढ़। हरियाणा मेंअब किसी भी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारक को पेंशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की देरी या असुविधा का सामना नहीं करना पडे़गा। राज्य सरकार ने प्रत्येक महीने की 10 तारीख को बैंक खातों में पेंशन जमा करवाने का निर्णय लिया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री गीता भुक्कल ने शनिवार को बताया कि इस प्रक्रिया से पेंशन वितरण में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बैंक द्वारा 700 पेंशनधारकों पर एक ग्राहक सेवा केंद्र स्थापित किया गया है। इस केंद पर प्रतिदिन बैंक का एक प्रतिनिधि अपनी सेवाएं देगा जो खाते से लेन-देन संबंधी सभी प्रकार का हिसाब-किताब रखेगा। ऐसे गांव जहां पर पेंशनधारकों की संख्या 700 से कम है वहां दो या दो से अधिक गांवों के लिए एक बैंक ग्राहक सेवा केंद्र खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन पेंशनधारकों ने अपना खाता नहीं खुलवाया है वे 30 जून से पहले खाता खुलवाना सुनिश्चित करें ताकि 10 जुलाई को उनकी बकाया पेंशन राशि सीधे खाते में जमा कराई जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पेंशनधारकों की बकाया महीनों की पेंशन खाता खुलवाने पर इकटठी मिल जाएगी। मंत्री ने कहा कि गुडगांव, रोहतक, झज्जर तथा हिसार जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों में पेंशन राशि पेंशनधारकों के खातों में जमा करवाने की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। इन जिलों में बैंकों के माध्यम से पेंशन वितरण की व्यवस्था जुलाई माह से आंरभ हो जाएगी।
मंत्री भुक्कल ने दी सरकार के फैसले की जानकारी
कहा, 700 पेंशन धारकों पर खुलेगा ग्राहक सेवा केंद्र

आवेदन मांगे -महिला एवं बाल विकास विभाग ने

सदस्यों के लिए आवेदन मांगे
चंडीगढ़। हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग ने किशोर न्याय बोर्ड व बाल कल्याण समिति के सदस्यों के पद भरने के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए हैं। आवेदन 26 जून तक भेजे जा सकते हैं। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि जिन समितियों या बोर्ड में अभी सदस्यों का चयन नहीं किया गया है, उनमें नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। 11 जिलों से किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। 5 जिलों फरीदाबाद, फतेहाबाद, हिसार, नारनौल, पंचकूला से बाल कल्याण समिति की महिला सदस्यों के लिए आवेदन आमंत्रित किये हैं।

7041 टीचर की भरती प्रक्रिया पर रोक

हाईकोर्ट का पंजाब सरकार को नोटिस, विज्ञापन में प्रकाशित पांच सेवा शर्तों को चुनौती

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में 7041 प्राइमरी टीचरों की भरती प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। जस्टिस केएस आहलूवालिया और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने शुक्रवार को इस संबंध में सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को 13 जुलाई के लिए नोटिस जारी किया है।
याची अभिषेक ऋषि ने वकील विकास चतरथ के माध्यम से याचिका दायर कर पंजाब सरकार द्वारा पंजाब पंचायती राज प्राइमरी टीचर (नियुक्ति और सेवा शर्तें) रुल्स में 18 अप्रैल 2011 को किए गए बदलाव और उसके आधार पर प्राइमरी टीचर भरती करने के लिए 26 अप्रैल 2011 को जारी विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग की है। खंडपीठ ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए रुल्स में बदलाव और विज्ञापन में दी गई शर्तों को संविधान के विरुद्ध माना। खंडपीठ ने सवाल किया कि नौकरी में मिट्टी के पुत्रों को तरजीह देने के लिए क्या माइग्रेंट वर्करों को उनके प्रदेशों में वापस भेज दिया जाए? खंडपीठ ने विज्ञापन में पांच शर्तों को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया। खंडपीठ ने कहा ये शर्तें कानून के सामने नहीं टिक सकती।
ड्
आवेदक के लिए पंजाब और चंडीगढ़ का मूल निवासी होना जरूरी (हाईकोर्ट ने कहा, समानता के अधिकार के खिलाफ)
ड्
जिन्होंने जेबीटी/ईटीटी पंजाब से पास किया है, उनके लिए 70 फीसदी सीटें रिजर्व और पंजाब से बाहर पास हुए आवेदकों के लिए 30 फीसदी सीटें (हाईकोर्ट ने कहा, यह नियमानुसार नहीं)
ड्
जिस उम्मीदवार ने जेबीटी/ईटीटी जितने साल पहले पास की थी, उसे हर साल के लिए एक नंबर मिलेगा और अधिकतम 10 नंबर मिलेंगे (हाईकोर्ट ने कहा, एक साल पहले टॉप करने वाले से अन्याय होगा)।
ड्
ग्रामीण स्कूल से 8वीं और 10 वीं पास करने वालों को अतिरिक्त पांच अंक मिलेंगे (हाईकोर्ट ने कहा, फैसला असंवैधानिक है)
ड्
आवेदकों की नियुक्ति जिलावार होगी (हाईकोर्ट ने कहा, राज्य को टुकड़ों में नहीं बांटा जा सकता)।

Haryana Open School (Fresh Candidates) result

Haryana Open School (Fresh Candidates) result will be available on  30-6-11 at 7.00 A.M
AT http://hbse.nic.in/

Tender :- STET 2011

BOARD OF SCHOOL EDUCATION HARYANA, BHIWANI

The
agency will supply approx 2.50 lacs OMR sheets within 15 days from
the date of approval of final MSS. Number of OMR sheets can be
increased or decreased.

Printing & supply of approx 2.50 lacs of OMR application
forms, having two barcodes of same number , at Board’s office
or location intimated by Board . Barcodes should be of good
quality and there should be no duplicacy or missing . Series will
be intimated by Board.
for detail click here

आइटीआइ विद्यार्थियों को तोहफा

कैथल औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग एक बार फिर विद्यार्थियों पर मेहरबान हुआ है। विभाग ने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों में विभिन्न व्यवसायों की 179 नई यूनिट खोलने के आदेश जारी किए हैं। इसमें 3600 विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा इस समय सभी जिलों में 119 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चलाए जा रहे हैं। इनमें विभिन्न व्यवसायों की 180 यूनिटों में विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा दी जा रही है। औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक संत कुमार जोशी ने बताया कि तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने व बच्चों को रोजगार के हित में इस वर्ष आइटीआइ में 179 नई यूनिट खोली गई हैं। इनमें 3600 बच्चों को प्रवेश मिलेगा।

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